पाकिस्तान पहुंचे भारत, यूएई और अमेरिका के 250 हिंदू श्रद्धालु, संत परमहंस की समाधि के करेंगे दर्शन

संत स्वामी परमहंस जी महाराज की समाधि

संत परमहंस की समाधि के करेंगे दर्शन

पड़ोसी देश से एक सुखद समाचार मिला है कि वहां कल यानी एक जनवरी को बड़ी तादाद में भारत, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तथा अमेरिका से पहुंचे करीब 250 हिंदू तीर्थयात्री सप्ताह भर पाकिस्तान के एक सदी पुराने मंदिर के दर्शन करने जाने वाले हैं। पाकिस्तान के अंग्रेजी दैनिक द डॉन ने इसका समाचार देते हुए बताया है कि ये तीर्थयात्री खैबर-पख्तूनख्वा सूबे के उस मंदिर को देखने जाएंगे जिसे गत वर्ष मजहबी उन्मादियों द्वारा ध्वस्त किया गया था।

हिंदू श्रद्धालुओं को यह जत्था करक जिले के टेरी गांव में स्थित संत स्वामी परमहंस जी महाराज की समाधि के दर्शन करने भी जाएगा। ये तीर्थयात्री पाकिस्तान हिन्दू परिषद के निमंत्रण पर वहां पहुंचे हैं।
संत परमहंस के प्रति यहां बहुत श्रद्धा है। स्वामी जी ने 1919 में देह त्यागी थी। उनकी स्मृति में करक में 1920 में एक मंदिर स्थापित किया गया था। भारत, यूएई तथा अमेरिका से बड़ी संख्या में वहां पहुंचे हिंदू 1 जनवरी को टेरी गांव में संत महाराज की समाधि के दर्शन करेंगे।
ये हिन्दू श्रद्धालु उस मंदिर में दर्शन करने भी जाएंगे जिसे गत वर्ष दिसंबर में जमीयत उलेमा-इस्लाम फजल के कट्टरपंथी मौलवियों की अगुआई में स्थानीय लोगों ने तोड़ दिया था। इस घटना पर पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश बहुत नाराज हुए थे और उन्होंने सरकार को मंदिर का जीर्णोद्धार कराने का आदेश दिया था।

परिषद के संरक्षक डॉ. रमेश कुमार वंकवानी से वार्ता के आधार पर डॉन की खबर है कि परिषद ने दूसरी बार अन्य देशों से हिंदू तीर्थयात्रियों को आने का निमंत्रण दिया है। रिपोर्ट में है कि यह कार्यक्रम परिषद पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के सहयोग से कर रही है। अभी पिछले महीने भी भारत, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा तथा स्पेन से 54 हिंदुओं का जत्था पाकिस्तान आया था।
बताया गया है कि ये हिन्दू श्रद्धालु उस मंदिर में दर्शन करने भी जाएंगे जिसे गत वर्ष दिसंबर में जमीयत उलेमा-इस्लाम फजल के कट्टरपंथी मौलवियों की अगुआई में स्थानीय लोगों ने तोड़ दिया था। इस घटना पर पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश बहुत नाराज हुए थे और उन्होंने सरकार को मंदिर का जीर्णोद्धार कराने का आदेश दिया था। साथ ही उन्होंने मंदिर को ध्वस्त करने वालों से हर्जाने के 3.3 करोड़ रुपये वसूलने का हुक्म सुनाया था। मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद ने 2021 की दिवाली इसी मंदिर में हिंदुओं के साथ मनाई थी।

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