उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए कॉन्ग्रेस नेत्री प्रियंका गाँधी वाड्रा द्वारा चलाए गए एक अभियान ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’ को लेकर बरेली में एक मैराथन आयोजित कराई गई थी। इस मैराथन में मची भगदड़ और अव्यवस्था के कई चित्र तथा वीडियो सामने आ रहे हैं।राजनीति नजरिए से सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण राज्य माने जाने वाले उत्तर प्रदेश से पूरी तरह पैर उखड़वा चुकी देश की सबसे पुरानी पार्टी कॉन्ग्रेस इस बार नए हथकंडे अपनाते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में उतर रही है।इसी सिलसिले में प्रियंका गाँधी वाड्रा ने राज्य में ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’ नामक एक अभियान चलाया था। बरेली में मंगलवार (4 जनवरी, 2022) को इसी से संबंधित लड़कियों की एक मैराथन का आयोजन कराया गया।5 किलोमीटर लंबी इस मैराथन को कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस के प्रमुख अजय कुमार लल्लू और यूथ कॉन्ग्रेस के प्रमुख श्रीनिवास की अगुवाई में कराया जा रहा था।इस मैराथन की कुछ वीडियोज़ सामने आई हैं, जिनमें भीषण भगदड़ मच जाने के कारण कई लड़कियाँ गिरती-पड़ती और घायल होती नज़र आती हैं।कॉन्ग्रेसी नेताओं ने बताया भाजपा की चाल | इस विषय में कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता अशोक सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कुछ लड़कियाँ चोटिल हुई हैं और आगे की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।लखनऊ के नेता ने आगे इसका आरोप सत्ताधारी पार्टी पर लगाते हुए कहा:“यह भाजपा द्वारा चली गई चाल है। ज़िला प्रशासन को पता था कि मैराथन होना है फिर भी उन्होंने सहयोग नहीं किया, इससे भाजपा कि के षड्यंत्र की बू आती है।”साथ ही घटना को लेकर बरेली की पूर्व मेयर और कॉन्ग्रेसी नेता सुप्रिया अरुण ने कहा:“चिंता की कोई बात नहीं है, जब वैष्णो देवी में भगदड़ मच सकती है तो ये तो केवल लड़कियाँ हैं। यह मानव प्रकृति है, पर फिर भी मैं माफी चाहूँगी।”उन्होंने भी इस कृत्य को कॉन्ग्रेस के विरुद्ध एक षड्यंत्र बताया। अब तक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 3 लड़कियों को घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है।प्रियंका गाँधी पर भी उठे सवाल भाजपा कार्यकर्ता प्रीति गाँधी ने इस घटना को लेकर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा:
“कॉन्ग्रेस कि एक मैराथन में भगदड़ जैसे हालात बन गए। कई लड़कियाँ गिर गईं और उन्हें चोट आईं। भला है कि किसी की जान नहीं गई। प्रियंका गाँधी क्या आपको केवल अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएँ पूर्ण करने के लिए इस तरह लोगों के जीवन से खेलने का हक है?


