पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में खालिस्तानी उपद्रवियों की रिहाई के लिए रैली का आयोजन
साल भर से कृषि कानूनों को लेकर धरने प्रदर्शन और आगजनी के बाद अब पंजाब में एक नए आंदोलन की शुरुआत हो गई है। इस बार यह आंदोलन कथित किसानों या मजदूरों के कल्याण के लिए नहीं बल्कि आतंकियों और उपद्रवियों को जेल से छुड़ाने के लिए किया जा रहा है।क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता पूर्व क्रिकेटर और अभिनेता योगराज सिंह ने हाल ही में पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में एक रैली निकाली, जिसमें कई खालिस्तानी आतंकियों की रिहाई की माँग की गई।एक लंबे समय तक दिल्ली की सीमाओं को घेर कर बैठने और प्रदर्शन करने के बाद किसान बिल वापस करवा चुके पंजाब के कुछ आंदोलनकारियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं और इस बार ये लोग आंदोलन और माँगों को भी अलग स्तर पर ले जा रहे हैं।
पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में एक विशाल रैली निकाली, जिसमें उन्होंने खालिस्तान का समर्थन करते हुए भारतीय जेलों में बंद खालिस्तानी कैदियों की रिहाई की माँग सामने रखी।जगतार सिंह हवारा कमेटी एवं योगराज सिंह के नेतृत्व में फतेहगढ़ साहिब के गुरुद्वारा ज्योति सरूप साहिब से यह मार्च निकाला गया। इसमें कई खालिस्तानी पोस्टर दर्शाए गए और जगतार सिंह हवारा ज़िंदाबाद के नारे भी लगे।
हवारा के नेतृत्व में करेंगे राज
योगराज सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने 2 साल पहले इन राजनीतिक कैदियों को रिहा करने का वादा किया था परंतु उस पर अब तक कोई अमल नहीं किया गया है।आगे योगराज ने रैली में आए लोगों के लिए कहा:
“एक झंडे के नीचे रहोगे तो तुम्हारा अपना राज आएगा। तुम सब जरनैल (जरनैल सिंह भिंडरांवाले ) हो। (जगतार सिंह) हवारा ने अभी आ जाना है, उसे अपना नेता बना कर हम अपना राज स्थापित करेंगे।”
बता दें कि जगतार सिंह हवारा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या का साजिशकर्ता था और यह व्यक्ति इसी आरोप में तिहाड़ जेल दिल्ली में उम्रकैद की सजा काट रहा है।इस रैली में सरकार पर यह आरोप लगाए गए कि सरकार जानबूझकर लोगों को कैद में रख रही है। जिनकी सज़ा पूरी हो गई है उन्हें भी पूछताछ के नाम पर अंदर रखा जा रहा है।संगठन के बलदेव सिंह ने कई ऐसे नाम बताए जिनमें जगतार सिंह तारा, बलवंत सिंह राजोआना, लखविंदर सिंह, शमशेर सिंह, परमजीत सिंह बोरा और गुरमीत सिंह शामिल हैं। संगठन का कहना है कि इन सभी ने अपनी सज़ा पूरी कर ली है परंतु इन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है।इन सबके साथ ही इस सूची में जगतार सिंह हवारा का भी नाम था और रैली में इन सभी की रिहाई की माँग की गई।


