ग्वालियर। शिक्षा और स्वास्थ्य सभी का मौलिक अधिकार है। हमारा प्रयास है कि कक्षा १ से लेकर १२ तक के छात्रों को आसानी से शिक्षा मिले और उनके पास सभी पुस्तक सहज रूप से उपलब्ध हो ऐसी व्यवस्था कि जा। मुख्यमंत्री कि यह इच्छा है कि शिक्षा सस्ती और सुलभ हो ताकि हर छात्र बिना किसी परेशानी के पढ़ाई कर अपना भविष्य सवार सकें। इसी दिशा में हम प्रयास कर रहें है। यह बात पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष शैलेन्द्र बरुआ ने कही। वह बुधवार को ग्वालियर आगमन पर पड़ाव पल के पास स्थित मंशा पूर्ण हनुमान मंदिर के दर्शन करने पहुंचे थ। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ता संतोष सिकरवार के कार्यालय में वह पहुंचें जहाँ उनका स्वागत किया गय। इसी दौरान उन्होंने यह बात कह। चर्चा के दौरान शैलेन्द्र बरुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा २६ दिसंबर को अंतिम सिख गुरु गोविन्द सिंह के ४ पुत्रों साहिबज़ादे के साहस को श्रद्धांजलि देने के लिए वीर बालदिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस दिन को साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह और फतेहसिंह के शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता था जो कि मुग़ल सेना द्वारा सरहिंद (पंजाब) में ६ और ९ वर्ष कि उम्र में मरे गए थे। इस सम्बन्ध में शैलेन्द्र बरुआ ने कहा कि छात्रों में देश के प्रति ऐसे संस्कार हो इस पर भी हमारा ज़ोर है। स्वागत कार्यक्रम के दौरान रामेश्वर भदौरिया , राजेश दुबे, विनोद शर्मा, गिर्राज मित्तल और गौरव मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहें।


