अभियान में E-KYC द्वारा पात्र हितग्राहियों के डाटाबेस एवं आधार–डाटाबेस में दर्ज नाम, पता, लिंग एवं आयु के आधार पर मिलान किया जाता है।
भोपाल मध्य प्रदेश में अब उचित मूल्य दुकानों पर कोई गड़बड़ी नहीं होगी और पात्र खाद्यान हितग्राही को पूरा लाभ मिलेगा। इसके लिए 5 करोड़ खाद्यान्न हितग्राही की पहचान ई-केवायसी से की जाएगी। इससे जहाँ एक ओर हितग्राही अपने डाटा में हुई त्रुटियों में सुधार करवा सकेंगे, वहीं दूसरी ओर अपात्र हितग्राहियों की पहचान भी की जा सकेगी। दरअसल, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 में 4 करोड़ 94 लाख पात्र हितग्राहियों को प्रतिमाह रियायती दर पर खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री का वितरण उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है। प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति फैज अहमद किदवई ने बताया कि पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिये विभाग द्वारा ई-केवायसी का अभियान चलाया जा रहा है। इससे जहाँ एक ओर हितग्राही अपने डाटा में हुई त्रुटियों में सुधार करवा सकेंगे, वहीं दूसरी ओर अपात्र हितग्राहियों की पहचान भी की जा सकेगी। अभियान में E-KYC द्वारा पात्र हितग्राहियों के डाटाबेस एवं आधार-डाटाबेस में दर्ज नाम, पता, लिंग एवं आयु के आधार पर मिलान किया जाता है। जिन हितग्राहियों के डाटाबेस का मिलान होता है उनके E-KYC जेएसओ लॉगिन से अनुमोदित किये जाते हैं। किदवई ने बताया कि प्रदेश की लगभग 24 हजार 952 उचित मूल्य दुकान पर पात्र हितग्राहियों के लिये E-KYC कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हितग्राही अपने आधार नंबर के माध्यम से उचित मूल्य दुकान पर ई-केवायसी करा रहे हैं। शारीरिक रूप से अक्षम एवं वृद्ध हितग्राही की E-KYC, विक्रेता द्वारा घर पर जाकर की जा रही है। प्रतिदिन लगभग 2 लाख हितग्राही के E-KYC कराये जा रहे है। अभी तक 1 करोड़ 4 लाख 53 हजार 675 हितग्राही केE-KYC किये जा चुके हैं। इस प्रक्रिया से वास्तविक हितग्राही बायोमेट्रिक सत्यापन (biometric verification) के आधार पर सुगमता से राशन सामग्री प्राप्त कर सकेंगे। हितग्राही वन नेशन-वन राशनकार्ड योजना के तहत किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन प्राप्त कर सकेंगे।`


