जबलपुर । जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में बने हैंड ग्रेनेड हरियाणा के गुरुग्राम सेक्टर 31 में बंद पड़े एक मकान में मिलने के बाद हड़कंप मच गया है और अब इसकी जांच के लिए गुरुग्राम की थाना सेक्टर-40 से दो सदस्यीय पुलिस की टीम जबलपुर पहुंची है। घटना एक मार्च की है,जब जबलपुर के ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया के दो हैंड ग्रेनेड गुरुग्राम के सूने मकान में मिले थे, जो भारतीय सेना, पुलिस और अर्द्धसैनिकों के लिए बनाए जाते है। सूने मकान में हैंड ग्रेनेड मिलने के बाद सनसनी फैल गई, अब इस मामलें की जांच हरियाणा पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियां भी कर रही है। यही हरियाणा के गुरुग्राम की थाना सेक्टर-40 के एसआई चरण सिंह व दीपक जबलपुर पहुंचे है। दोनों पुलिस कर्मियों ने पहले एसपी कार्यालय पहुंच कर यहां के अधिकारियों से मिले और गुरुग्राम के पुलिस अधिकारियों का पत्र देते हुए जांच में सहयोग मांगा। इसके बाद टीम को खमरिया थाने भेजा गया। वहां से स्थानीय थाने की पुलिस के साथ दोनों कर्मी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया पहुंचे। दरअसल 27 फरवरी की रात को दिल्ली-जयपुर हाइवे किनारे सेक्टर-31 स्थित सीएनजी पंप पर सो रहे 3 कर्मचारियों की हत्या कर दी गई थी। ऐसे में पुलिस की कई टीमें आसपास के एरिया में सर्च कर रही थीं। सेक्टर-39 क्राइम ब्रांच के इंचार्ज रहे एसआई राजकुमार को खबर मिली कि सीएनजी पंप के पीछे ग्रीन बेल्ट के साथ लगते मकान में कुछ विस्फोटक है। मकान की सर्चिंग में 2 हैंड ग्रेनेड मिले। मौके पर डीसीपी ईस्ट के साथ बम निरोधक दस्ता पहुंचा। इस मकान में 15 प्रैक्टिस हैंड ग्रेनेड, 43 खाली खोल और 1 आईकैट स्ट्रिप मिली थी। मौके से मिले हैंड ग्रेनेड की जब जांच की गई तो चौकानें वाले तथ्य सामने आए, खास बात यह थी कि जिस मकान में हैंड ग्रेनेड मिले वह बंद था, सालों से इस मकान में कोई नहीं रह रहा था मकान मालिक दिल्ली रोहिणी में निवास करते है और उन्होंने इस घर को खाली रखा था, वही मकान में मिले दोनों हैंड ग्रेनेड में एक पर ओएफएम 1963 और साइड में एम लिखा हुआ है। दूसरे ग्रेनेड पर ओएफएम 1963 और साइड में आर लिखा हुआ है। इसके ऊपर लाल घेरे में 648/KF-36 गोल दायरे में लिखा हुआ है। जिसके बाद जांच में सामने आया कि यह बम ऑर्डिनेंस खमरिया में बने थे, फिलहाल हैंड ग्रेनेड इस मकान में कैसे और किस मकसद से पहुंचे इसकी जांच की जा रही है।


