मध्यप्रदेश बजट सत्र: जयवर्धन के सवाल पर हड़बड़ाए मंत्री जी, बमुश्किल संभली बात

पर्यावरण मंत्री हरदीप सिंह डंग द्वारा लिखित में दिए गए उत्तर पर विधायक जयवर्धन सिंह द्वारा चार सवाल पूछे गए थे।

लोकमतसत्याग्रह /भोपाल । मध्यप्रदेश का बजट सत्र शुरू हो गया है। 7 मार्च से शुरू हुए बजट सत्र का आज पांचवा दिन था। इस दौरान प्रश्नकाल में राघौगढ़, जिला गुना से सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमGAIL-NFL को लेकर सवाल पूछे गए। दरअसल पर्यावरण मंत्री हरदीप सिंह डंग द्वारा लिखित में दिए गए उत्तर पर विधायक जयवर्धन सिंह द्वारा चार सवाल पूछे गए थे। हालांकि प्रश्नकाल के दौरान विधायक जयवर्धन सिंह के पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री जी हड़बड़ाते नजर आए। मंत्री डंग विधायक के सवालों का सही तरीके से जवाब भी नहीं दे सके। जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री के हस्तक्षेप करने और प्रश्न काल के समय समाप्त होने के साथ बमुश्किल बात संभलती नजर आई। इन 4 सवालों में राधौगढ़ जिला के सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम के औद्योगिक इकाई GAIL और NFL में कब-कब एनवायरनमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट किया गया। इस पर सवाल उठाए गए। इसके अलावा इन दोनों फैक्ट्रियों को कब-कब एनवायरमेंट क्लीयरेंस दिया गया इस पर भी सवाल पूछे गए हैं। इतना ही नहीं राधौगढ विधायक ने सवाल करते हुए कहा कि NFL से जो भी पानी निकासी होती है। वह चोपन नदी में जाती है ऐसे में चोपन नदी के पानी की स्वच्छता और गंगा रिवर मिशन के तहत गंगा में जाने से पानी को रोकने के लिए क्या महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, इस पर सवाल किए गए हैं। राधौगढ विधायक द्वारा गेल फैक्ट्री में कार्बन डाइऑक्साइड प्रति घंटे 56 टन उत्सर्जन होते है, जो पर्यावरण और मानव जीवन दोनों के लिए खतरनाक है। बावजूद इसके कारण वापस नहीं किए जाने पर भी विधायक जयवर्धन सिंह ने सवाल खड़े किए हैं। इधर पर्यावरण पर पूछे गए विधायक जयवर्धन सिंह के सवाल पर मंत्री हरदीप सिंह डंग हडबड़ाते नजर आएं। इतना ही नहीं मंत्री जी, विधायक जयवर्धन सिंह के सवालों का उचित जवाब भी नहीं दे सके। जिस पर संसदीय कार्य मंत्री को हस्तक्षेप करना पड़ा। वहीं संसदीय कार्य मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए प्रश्नों के लिखित में जवाब भिजवा देने की बात कही है। जिस पर विधायक जयवर्धन सिंह ने घोर आपत्ति जताई है। मामले में विधायक जयवर्धन सिंह का कहना है कि प्रश्नकाल में मौखिक प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया जाना उनकी अक्षमता है। इन इकाइयों में कार्बन का मापन नहीं किया गया जिससे हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है और इससे स्वास्थ संबंधी रोग जैसे फरियादी के रोग होने की संभावना बन गई है। विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि इकाई के संबंध में विभागीय प्रमुख सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल द्वारा एनवायरनमेंट क्लीयरेंस की अनुमति मांगी गई थी। जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड रिकवरी के लिए उचित प्लान ना होने के विशिष्ट कारण का हवाला देकर खारिज कर दिया गया था। इतना ही नहीं विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा है कि राधौगढ़ के स्थानीय लोगों को प्रदूषण की चपेट में आने से बचाने के लिए हर तरह की कार्रवाई की जाएगी और विधानसभा में नियम 52 के तहत एक बार फिर से इन प्रश्नों को उठाया जाएगा।

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