भारत गैस ने अपने ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है। यह सुविधा एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और पेमेंट की है। इसे ‘वॉयस बेस्ड पेमेंट फैसिलिटी’ का नाम दिया गया है। इस नई सुविधा में आईवीआर पर बोलकर भी पेमेंट किया जा सकता है। इस नई सुविधा से वैसे एलपीजी उपभोक्ताओं को फायदा होगा, जिनके पास कोई स्मार्टफोन नहीं है या इंटरनेट वाला फोन नहीं है। फोन है तो उसमें इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी। सरकारी गैस कंपनी भारत गैस ने इसके लिए अल्ट्रा कैश टेक्नोलॉजिज प्राइवेट लिमिटेड के साथ करार किया है। इसमें ग्राहकों को पूरी सुविधा बोलकर सर्विस लेने की मिल रही है। वॉयस बेस्ड डिजिटल पेमेंट में ग्राहक को आईवीआर पर बोलना होता है। बोलकर ही गैस की बुकिंग और पेमेंट किया जा सकेगा। यह सुविधा भारत गैस के ग्राहकों के लिए शुरू की गई है। वैसे ग्राहक जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है या फोन में इंटरनेट नहीं है, वे आईवीआर से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग कर सकेंगे। साथ में यूपीआई 123पे के माध्यम से एलपीजी सिलेंडर का पैसा चुका सकेंगे।
इस नंबर पर फोन कर गैस बुक करें: भारत गैस ने एक बयान में कहा है कि आईवीआर की सुविधा देश के 4 करोड़ से अधिक ग्राहकों को मिलेगी। इसका सबसे अधिक फायदा ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ता उठा सकेंगे। पिछले हफ्ते ही रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यूपीआई 123पे की सुविधा शुरू की। सुविधा शुरू होने के साथ ही भारत गैस देश की पहली कंपनी है, जिसने 123पे से गैस के पेमेंट का काम शुरू कर दिया है। भारत गैस ने अपने ग्राहकों के लिए एक कॉमन नंबर 080-4516-3554 जारी किया है जिस पर फोन कर खुद के लिए या अपने नातेदार-दोस्त के लिए एलपीजी सिलेंडर बुक कर सकते हैं। इसी नंबर के माध्यम से गैस का पैसा भी पेमेंट किया जा सकता है।
कैसे काम करता है UPI 123Pay: यूपीआई 123पे केवल तीन स्टेप में काम करता है। इन तीन स्टेप को पूरा करने के बाद ऑफलाइन मोड में ट्रांजैक्शन हो जाता है। ये तीन स्टेप हैं-कॉल करो, चयन करो और पे करो। यूपीआई 123पे एक तुरंत पेमेंट का सिस्टम है, जिसमें झटपट पैसे का ट्रांजैक्शन हो जाता है। यह सिस्टम पूरी तरह से फीचर फोन पर चलता है, जिसमें इंटरनेट की जरूरत नहीं होती। फीचर फोन में भी यूपीआई चला सकते हैं और पेमेंट कर सकते हैं। भारत गैस ने इसी तरह की सुविधा शुरू की है।
- यूजर अपने फीचर फोन से आईवीआर नंबर को डायल करता है। भारत गैस ने इसके लिए 080-4516-3554 नंबर दिया है।
- अगर यूजर पहली बार इस सुविधा का इस्तेमाल करता है, तो जैसे-जैसे वह कॉल पर प्रोसीड करता है, साथ में उसका प्रोफाइल बन जाता है।
- यूजर लिस्ट अकाउंट एक्टिविटी के लिए बैंक के नाम का विवरण देता है।
- इसी के साथ यूजर को यूपीआई आईडी दे दिया जाता है, जो mobile.voice@psp के फॉरमेट में होता है।
- यूजर ने अगर पहले से यूपीआई पिन सेट नहीं किया है, तो उसे पिन सेट करने के लिए कहा जाता है. वह डेबिट कार्ड की डिटेल दर्ज करता है जिसके बाद मोबाइल पर पासवर्ड आता है।
- इसके बाद आईवीआर पर यूजर से यूपीआई नंबर बनाने के लिए कहा जाता है जिसके आधार पर पैसा पाया या भेजा जा सकेगा।
- इसके साथ ही यूजर अब यूपीआई ट्रांजैक्शन करने के लिए फीचर फोन का इस्तेमाल कर सकेगा। इसी से गैस की बुकिंग और उसका पैसा चुकाया जा सकेगा।


