नवरात्र के अवसर पर जो रेलयात्री शुद्ध भोजन को लेकर चिन्तित रहते हैं,अब वे चिंता छोड़ दें। यात्रा के दौरान भी आपको शुद्ध और सात्विक भोजन की थाली मिलेगी। आपको केवल इतना सा काम करना है कि 1323 पर फोन करके या आईआरसीटीसी की ई कैटरिंग सुविधा के अंतर्गत वेबसाइट और ऐप पर जाकर व्रत वाले भोजन की थाली बुक कर दें। इसके दो घंटे के अंदर आप तक थाली पहुंच जाएगी।
वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियां भारतीय संस्कृति को संरक्षित और आगे बढ़ाने वाली रही हैं। इसकी झलक रेलगाड़ियों में भी देखने को मिल रही है। नवरात्र के दिनों में व्रत करने वाले यात्रियों के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि उन्हें शुद्ध और सात्विक भोजन नहीं मिल पाता है। ऐसे लोगों की परेशानियों को देखते हुए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने निर्णय लिया है कि 02 अप्रैल से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि में यात्रियों को वह व्रत वाला भोजन उपलब्ध कराएगा। यात्री नवरात्रि के दौरान अपनी सीट पर व्रत वाले भोजन की थाली मंगा सकेंगे। उल्लेखनीय है कि आईआरसीटीसी ने पहली बार 2018 में ऐसी सुविधा शुरू की थी। बाद में कोरोना महामारी के कारण रेलवे का संचालन ही एक तरह से अनियिमित हो गया था। ऐसे में 2020 में यह सुविधा बंद कर दी गई थी। अब एक बार फिर से आईआरसीटीसी ने इस सुविधा को शुरू करने की घोषणा की है।
यात्रियों को आसानी से भोजन मिल सके इसके लिए देशभर के 300 रेलवे स्टेशनों पर विशेष व्यवस्था की जा रही है। यात्री 1323 नम्बर पर फोन करके या आईआरसीटीसी की ई कैटरिंग सुविधा के अंतर्गत वेबसाइट और ऐप पर जाकर व्रत वाले भोजन की मांग कर सकते हैं। बुकिंग के दो घंटे में उनकी सीट पर भोजन उपलब्ध हो जाएगा। 28 मार्च से टिकट की बुकिंग के साथ विशेष थाली की बुकिंग का विकल्प मिलेगा।
आईआरसीटीसी के प्रवक्ता आनंद झा के अनुसार व्रत रखने वालों के लिए भोजन की थाली तैयार करने से लेकर उसे परोसे जाने तक शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। भोजन सेंधा नमक से तैयार किया जाएगा। लहसुन और प्याज का बिल्कुल प्रयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यात्री फलों का जूस, फल, लस्सी, कुट्टू के आटे के पकवान, साबूदाने की खिचड़ी और अन्य पकवान, सब्जी, दूध से बनी मिठाई, पनीर, खीर, ड्राई फ्रूट्स व अन्य सामग्री से तैयार पकवान ले सकेंगे। इसके लिए यात्रियों को 100 रु से लेकर 250 रु. तक खर्च करने पड़ेंगे।


