जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आतंकी संगठनों से संबंध रखने वाले 5 सरकारी कर्मचारी किए बर्खास्त

जम्मू—कश्मीर प्रशासन ने पुलिस कांस्टेबल तौसीफ अहमद मीर समेत पांच सरकारी कर्मचारियों को आतंकी संगठनों से संबंध रखने के आरोप में नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। 

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पुलिस कांस्टेबल तौसीफ अहमद मीर समेत पांच सरकारी कर्मचारियों को आतंकी संगठनों से संबंध रखने के आरोप में नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। तौसीफ पर आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के लिए काम करने और अपने दो सहकर्मियों की हत्या का प्रयास का आरोप है। अनुच्छेद 311 (दो) (सी) के तहत बनी एक समिति के सुझाव के बाद कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। इस अनुच्छेद के तहत राज्य की सुरक्षा के हित में बिना जांच के बर्खास्त किया जा सकता है। पिछले साल से लेकर अब तक विशेष प्रावधान के तहत 34 कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है।

आदेश में कहा गया कि मीर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गया था। इसलिए सरकार ने उसे बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कांस्टेबल शाहिद हुसैन राठेर, गुलाम हसन पर्रे (कंप्यूटर ऑपरेटर), अरशद अहमद दास (शिक्षक) और शराफत अली खान (अर्दली) को भी नौकरी से निकाल दिया गया है। आदेश में कहा गया कि पर्रे प्रतिबंधित संगठन जमात ए इस्लामी का सदस्य है। उस पर युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाने का आरोप है। पर्रे ने 2009 में परिमपोरा में हिंसक प्रदर्शन आयोजित किया था। इसके लिए पुलिस ने उस पर मामला दर्ज किया था।

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