म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 2021-22 में बनाया नया रिकॉर्ड, मुश्किल दौर के बाद एक बार फिर इंडस्ट्री में लौटा निवेशकों का विश्वास

इस अवधि में सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIPs) के जरिए म्यूचुअल फंड इंडस्ट्रीज में आने वाला पैसा 12,329 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया.

वित्त वर्ष 2021-22 के अंत तक देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्रीज निवेशकों के 37.5 लाख करोड़ रुपये का मैनेजमेंट कर रही है। इसके पिछले वर्ष कोविड -19 महामारी के आउटब्रेक और Franklin Templeton debt fund संकट के चलते इंडस्ट्रीज पर निवेशकों का विश्वास काफी टूट चुका था लेकिन 2021-22 में निवेशक एक बार फिर म्यूचुअल इंडस्ट्रीज पर मेहरबान होते नजर आए। इसके चलते पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में स्मॉलकैप स्कीम ने औसतन 37 फीसदी का रिटर्न दिया।वहीं इस अवधि में मल्टीकैप फंडों ने 27.8 फीसदी, मिडकैप फंडों ने 24.5 फीसदी, लॉर्ज कैप और मल्टीकैप फंडों ने 23.2 फीसदी, फ्लेक्सी कैप फंडों ने 21.4 फीसदी और लॉर्जकैप फंडो ने 17.7 फीसदी का औसत रिटर्न दिया है।

इस अवधि में सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIPs) के जरिए म्यूचुअल फंड इंडस्ट्रीज में आने वाला पैसा 12,329 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। इस अवधि में एसआईपी अकाउंट्स की कुल संख्या 5.3 करोड़ पर पहुंच गई।

इक्विटी स्कीम के नजरिए से वित्त वर्ष 2021-22 एक मजबूत साल रहा। रूस-यूक्रेन वार और इसके चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में आई जबरदस्त बढ़ोतरी के बावजूद म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीमों में निवेशकों के पैसे का जोरदार प्रवाह देखने को मिला।वित्त वर्ष 2022 में कई नए न्यू फंड ऑफर (NFOs) बाजार में आए। इंडस्ट्रीज ने कई ऐसे फंड लॉन्च किए जिनके जरिए निवेशकों को उन सेक्टरों और जोग्रफी में निवेश का मौका मिला जहां वो इसके पहले निवेश का मौका हासिल नहीं कर पाए थे। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान NFO 1 लाख करोड़ का रिकॉर्ड फ्लो देखने को मिला।

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