बीरभूम हिंसा के मुदृदे पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के विधायक भाजपा विधायकों से भिड़ गए थे। लेकिन उल्टे कार्रवाई के नाम पर भाजपा के ही विधायकों को सस्पेंड किया गया था।
बीरभूम हिंसा मामले में बंगाल विधानसभा में टीएमसी विधायकों द्वारा भाजपा विधायकों के साथ की गई मारपीट में कार्रवाई के नाम पर भाजपा के ही सात विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही से अगले एक साल तक के लिए निलंबित किए जाने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी से हलफनामा तलब किया है। विधानसभा स्पीकर को अगले सोमवार तक हलफनामा प्रस्तुत करना होगा। अगली सुनवाई 5 मई को होगी। बता दें कि विधानसभा में हुई मारपीट के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी, मनोज तिग्गा, मिहिर गोस्वामी, सुदीप मुखर्जी, दीपक बर्मन, शंकर घोष और नरहरि महतो को विधानसभा की कार्यवाही से निलंबित कर दिया था।
उल्लेखनीय है कि बीरभूम हिंसा के मुदृदे पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के विधायक भाजपा विधायकों से भिड़ गए थे। लेकिन उल्टे कार्रवाई के नाम पर भाजपा के ही विधायकों को सस्पेंड किया गया था। विधान सभा की घटना को लेकर भाजपा ने आरोप लगाया था कि हम बीरभूम मामले पर चर्चा की मांग कर रहे थे, तो टीएमसी के विधायकों ने आपा खो दिया और हाथापाई की। इस दौरान विधायक मनोज तिग्गा के साथ मारपीट भी की गई। हंगामा बढ़ने के बाद भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन से वॉकआउट के बाद भाजपा विधायकों ने विधानसभा के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन किया था। बता दें कि सदन में हाथापाई का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें स्पष्ट तौर पर टीएमसी के विधायक भाजपा विधायकों के साथ अभद्रता करते नजर आ रहे थे।


