मुल्‍ला उमर के बेटे याकूब ने पाकिस्तान को धमकाते हुए कहा, अफगानिस्तान पर हमले किए तो खैर नहीं

पाकिस्‍तान अफगान सीमा पर हवाई हमले करता रहा है। सीमा को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद चल रहा है। इस कारण पैदा हुए तनाव के बीच मोहम्‍मद याकूब ने शाहबाज की सरकार को खुलेआम धमकी दी है

कुख्यात आतंकी मुल्ला उमर का बेटा और अफगानिस्तान में तालिबान हुकूमत में रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब ने पाकिस्तान के लगातार हो रहे हमलों को लेकर इस्लामाबाद को धमकाया है। याकूब ने कहा है कि तालिबान पाकिस्तानी सेना के हमलों को अब और बर्दाश्‍त नहीं कर सकता। याकूब का कहना है कि देश की भलाई के लिए तालिबान ने बहुत सह लिया है पर अब ये हमले बर्दाश्त के बाहर हैं।याकूब के ​इस बयान से पहले तालिबानी प्रवक्‍ता भी पाकिस्तान के हवाई हमलों को लेकर उसे कड़ी चेतावनी दे चुका है।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्‍तान अफगान सीमा पर हवाई हमले करता आ रहा है। सीमा को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद चल रहा है। इस कारण पैदा हुए तनाव के बीच मोहम्‍मद याकूब ने शाहबाज की सरकार को खुलेआम धमकी दी है। याकूब तालिबान को बनाने वाले आतंकी मुल्‍ला उमर का बेटा है और खुद दुर्दांत आतंकी माना जाता रहा है। इसी मुल्‍ला याकूब का कहना है कि तालिबानी की हुकूमत अब पड़ोसी देशों से हमलों को बर्दाश्‍त नहीं करेगी।पता चला है कि कुनार और खोस्‍त प्रांतों में पाकिस्‍तानी वायुसेना के जहाजों ने जबरदस्त बमबारी की है। इन हवाई हमलों में बड़ी तादाद में अफगानी मारे गए हैं जिनमें महिलाएं और बच्‍चे भी शामिल हैं।मुल्‍ला याकूब ने एक कार्यक्रम में कहा है कि ‘हमें दुनिया और पड़ोसी देशों से चुनौतियां मिल रही हैं। कुनार में हमारे इलाके पर हमले इसकी साफ मिसाल हैं। अब और हमले सहन नहीं करेंगे।लेकिन इस बीच ही पाकिस्‍तानी वायुसेना के लड़ाकू जेट के फिर से अफगान सीमा में घुसने की खबर मिली है। इसके जवाब में तालिबान ने एंटी एयरक्राफ्ट गन से गोले दागे।उधर पाकिस्‍तान के विदेश विभाग के प्रवक्‍ता ने याकूब के बयान को लेकर कहा है कि पाकिस्‍तान अफगानिस्‍तान से लंबे रिश्ते रखना चाहता है ताकि शांति कायम रहे। पाकिस्‍तानी प्रवक्‍ता ने कहा, ‘पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान के बीच भाईचारे का रिश्ता है। आतंकवाद इसके लिए एक गंभीर खतरा है। इसलिए जरूरी है कि दोनों देश सार्थक तरीके से सीमापार आतंकवाद का सामना करने के लिए सहयोग करें।इससे पहले तालिबानी हुकूमत ने पिछले सप्‍ताह पाकिस्‍तान के राजदूत को बुलाकर हवाई हमलों पर अपना विरोध दर्ज कराया था। समाचारों के अनुसार, पाकिस्‍तानी हमले में अफगानिस्‍तान के 36 से ज्‍यादा लोग मारे जा चुके हैं। बता दें कि तालिबान और पाकिस्‍तान के बीच कई बार सीमा पर गतिरोध हो चुके हैं, डूरंड लाइन पर हालात तनावपूर्ण हैं।

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