पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों ने खुद शव की पहचान की इसलिए उन्हें शव सौंपा गया , अब ये जांच का विषय है कि जिसका अंतिम संस्कार किया गया वो कौन था?
ग्वालियर। ग्वालियर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिसकी उलझन बढ़ा दी है। ये मामला अंतिम संस्कार से जुड़ा है, परिजन ने जिसे अपना समझकर उसका अंतिम संस्कार किया वो जिंदा निकला और संस्कार के तुरंत बाद घर वापस लौट आया। पुलिस अब मामले की जाँच कर रही है कि आखिर किसके शव का अंतिम संस्कार किया गया है। दरअसल इंदरगंज थाना क्षेत्र के नौगजा रोड पर रहने वाला जुगल किशोर नाम का युवक घर से लापता था, इस बीच परिजनों को सूचना मिली कि कोतवाली थाना क्षेत्र के महाराज बाड़ा पर पुलिस को एक शव मिला है। परिजन उसे देखने पीएम हाउस गए, चूँकि जुगल को भी पैरालाइसिस था और जो मृतक था उसे भी पैरालाइसिस था। कद काठी भी मिलती जुलती थी। इसलिए पिता सहित अन्य परिजनों ने उसे जुगल मानते हुए शव को पुलिस कार्यवाही के बाद लिया और गुरुवार की शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस बीच एक रिश्तेदार ने जो अंतिम संस्कार में शामिल था जुगल को गिरवाई थाना क्षेत्र में देखा तो उसके ससुराल वालों को इसकी सूचना दी, जुगल के परिजन उसके अस्थि संचय के लिए जाने वाले थे और उन्हें उसके जिंदा होने की सूचना मिली तो वे उसे लेना गए हुए वापस घर ले आये। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। इंदरगंज थाना टीआई अनिल भदौरिया घर पहुंचे और पूरा घटनाक्रम तफ्सील से सुना। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों ने खुद शव की पहचान की इसलिए उन्हें शव सौंपा गया , अब ये जांच का विषय है कि जिसका अंतिम संस्कार किया गया वो कौन था?


