बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान असानी चक्रवात में बदला, 111kmph स्पीड से आगे बढ़ेगा

बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान असानी गंभीर चक्रवात में बदल गया है। मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। ये तूफान अगले 6 घंटे में गंभीर असर दिखाएगा। असानी (Cyclone Asani) के उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ने और ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।

चक्रवात असानी को देखते हुए बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चक्रवात की वजह से उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर 10 मई से तेज हवाएं चलने और बारिश की आशंका जताई है।

111 kmph की रफ्तार से बढ़ेगा

 मौसम विभाग के अनुसार, 9 मई को चक्रवात के बंगाल की खाड़ी में 60 नॉटिकल मील (111 किमी प्रति घंटा) की गति से आगे बढ़ने की उम्मीद है। ओडिशा तट के पास समुद्र की स्थिति नौ मई को खराब और 10 मई को ज्यादा खराब हो जाएगी। 10 मई को समुद्र में हवा की गति बढ़कर 80 से 90 किमी प्रति घंटा होने का अनुमान है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि ‘असानी’ दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर, पोर्ट ब्लेयर से लगभग 570 किमी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में है।

अगले 6 घंटे में असर दिखाएगा चक्रवाती तूफान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 मई को अपने विशेष बुलेटिन में जानकारी दी कि असानी अगले 6 घंटे में रौद्र रूप दिखाएगा और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। क्षेत्रीय मौसम निदेशक हबीबुर रहमान बिस्वास ने बताया कि बंगाल की दक्षिण-पूर्वी खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान असानी पिछले 6 घंटे के दौरान 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया और एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है। 

मछुआरों को तटों पर ना जाने की सलाह

चक्रवात के प्रभाव से पश्चिम बंगाल में कोलकाता समेत राज्य के दक्षिणी हिस्सों, उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर 9 मई से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 10 मई से अगली सूचना तक पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा के तटों पर नहीं जाएं।

हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार ओडिशा, बंगाल

एनडीआरएफ की एक पूरी यूनिट बालासोर में है, जिसे जरूरत पड़ने पर पड़ोसी जिलों में भेजा जा सकता है। फायर ब्रिगेड के डीजी ने सभी जिलों में टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। किसी भी घटना की स्थिति में कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह मुख्यालय पर 10 से 15 फायर यूनिट को तैनात किया गया है। वहीं, कोलकाता नगर निगम ने अपने कर्मचारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। यहां भारी बारिश हो सकती है। 

ओडिशा में इन जिलों में खास अलर्ट

चक्रवात पुरी (आगे की ओर) से ओडिशा तट के समानांतर और आगे बढ़ेगा, इसलिए सिस्टम 12 मई को एक गहरे दबाव में कमजोर हो जाएगा। हालांकि, 11 मई काफी अहम रहेगा, क्योंकि तटीय और आसपास के जिलों में मध्यम से भारी बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। यहां गजपति, गंजम, पुरी, खुर्दा, कटक और जगतसिंहपुर जिलों में 10 से 12 मई के बीच बारिश होगी। जेना ने आगे कहा कि ओडीआरएएफ की टीमों को पुरी, सतपाड़ा, अस्टारंगा, कृष्णप्रसाद, जगतसिंहपुर, भद्रक, महाकालपारा, राजनगर और गंजम में तैनात किया गया है।

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