जबलपुर जिला प्रशासन ने आज सिविल लाइन की बेशकीमती शासकीय जमीन को अतिक्रमणों से मुक्त कराने की कार्यवाही की।
जबलपुर। जबलपुर जिला प्रशासन ने आज सिविल लाइन की बेशकीमती शासकीय जमीन को अतिक्रमणों से मुक्त कराने की कार्यवाही की। सूत्रों की माने तो राँझी तहसील के अंदर आने वाले ब्लाक नम्बर 23, प्लाट नम्बर 1 और 2 की इस प्रॉपर्टी की का बाज़ार मूल्य लगभग 1 अरब 72 करोड़ रुपये है। जबलपुर कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी के निर्देश पर पुलिस और नगर निगम के सहयोग से की जा रही इस कार्यवाही में यहाँ वर्षों पूर्व अतिक्रमण कर बनाये गये निर्माणों को जेसीबी मशीनों से ध्वस्त किया जा रहा है।इस मौके पर अपर कलेक्टर नमः शिवाय अरजरिया, तहसीलदार रांझी श्याम नन्दन चंदेले एवं तहसीलदार आधारताल राजेश सिंह मौजूद है। अपर कलेक्टर नमः शिवाय अरजरिया के अनुसार ब्रिटिश काल की बर्न कोर्ट की यह भूमि शासन में मर्ज हो गई थी, इस भूमि को लेकर शासन और समदड़िया ग्रुप के बीच कानूनी विवाद चल रहा था। जमीन का मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया, जहाँ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शासन के पक्ष में फैसला दिया गया। अपर कलेक्टर ने बताया कि इस भूमि पर अवैध रूप से मैरिज हॉल संचालित किया जा रहा था।इतना ही नही एक वर्कशॉप भी यहाँ बना लिया गया था। इसके अलावा यहां 20 से अधिक ठेले टपरे भी लगा लिये गये थे, कार्यवाही में इन सभी को हटाया जा रहा है। अपर कलेक्टर नमः शिवाय अरजरिया के अनुसार सिविल लाइन स्थित इस भूमि पर पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत कमिश्नर कार्यालय तथा प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों को निर्माण किया जाना है।


