किसी निकाय में एससी-एसटी मिलाकर 10 प्रतिशत होता है तो वहां अधिकतम 50 प्रतिशत आरक्षण की बाध्यता के तहत 40 प्रतिशत तक ओबीसी को आरक्षण नहीं दिया जाए।
भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य निर्वाचन आयोग और मप्र सरकार नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव को लेकर हरकत में आ गई है।एक तरफ राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रमुख सचिव से मत-पत्र के लिए जरूरी कागज़ समय पर उपलब्ध कराने की मांग की है।वही दूसरी तरफ नगरीय निकायों में ओबीसी आरक्षण के साथ एससी और एसटी आरक्षण 50 फीसदी की सीमा कराए जाने के कलेक्टरों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि 1 जून तक आचार संहिता लगाई जा सकती है।नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय द्वारा नगरीय निकायों के आम चुनाव के लिए वादों के आरक्षण के लिए सभी कलेक्टरों के नाम कुल 41 पेज की PDF FILE भेजी गई है जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरक्षण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए कहा गया है कि मध्य प्रदेश के 321 निकायों में चुनाव तत्काल घोषित करने की बाध्यता है। सुप्रीम कोर्ट ने वर्तमान परिसीमन के आधार पर चुनाव कराने की अनुमति दी है। नगर पालिका पन्ना, गढ़ाकोटा, मलाजखंड तथा खुरई की सीमाओं में परिवर्तन हुआ है इसलिए इनका नए सिरे से परिसीमन किया जाना है।नगरीय निकाय में आरक्षण को लेकर विभाग से भेजे गए निर्देश में स्पष्ट कर दिया गया है कि 317 निकायों में मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की अनुशंसा के अनुसार ओबीसी आरक्षण की कार्यवाही करना है। निर्देशित किया गया है कि किसी भी नगर निगम अथवा नगर पालिका में ओबीसी के लिए कुल पार्षद पदों का 35% से अधिक आरक्षण नहीं होना चाहिए। यानि किसी भी निकाय में 35 प्रतिशत से अधिक ओबीसी आरक्षण नहीं होगा।
उदाहरण के लिए, किसी निकाय में एससी-एसटी मिलाकर 10 प्रतिशत होता है तो वहां अधिकतम 50 प्रतिशत आरक्षण की बाध्यता के तहत 40 प्रतिशत तक ओबीसी को आरक्षण नहीं दिया जाए। ओबीसी आरक्षण कराए जाने की समय सीमा 25 मई तय की गई है, ऐसे में ना तो राज्य निर्वाचन आयोग कलेक्टरों के साथ कोई VC करेगा और ना ही मुख्यमंत्री कलेक्टरों से सामूहिक रूप चर्चा करेंगे। कलेक्टरों को अगले 5 दिनों के लिए OBC समेत आरक्षण रिपोर्ट तैयार किए जाने के लिए फ्री हैंड कर दिया गया है।
समय पर उपलब्ध करायें मत–पत्र हेतु जरूरी कागज़
राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने शुक्रवार को प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी से पंचायत और नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए जरूरी विभिन्न रंग के कागज़ की व्यवस्था के संबंध में चर्चा की। पंचायत आम निर्वाचन के लिए जिलों की माँग अनुसार सफेद, नीला, पीला एवं गुलाबी कागज़ की व्यवस्था समय पर करें। सिंह ने नगरीय निकाय में प्रयुक्त होने वाले EVM मत-पत्र मुद्रण की व्यव्स्था और 35 प्रकार के प्रारूप प्रपत्र एवं 8 प्रकार के लिफाफों के मुद्रण की व्यवस्था कराने के निर्देश दिये। प्रमुख सचिव राजस्व रस्तोगी ने कहा कि सभी कार्य समय-सीमा में पूरे कर लिये जायेंगे।


