मप्र विद्युत मंडल में 20000 करोड़ रुपये का पेंशन फंड बनना चाहिए ताकि सेवानिवृत्त हो रहे बिजली कर्मियों को समय पर पेंशन का भुगतान हो सके।
भोपाल। मध्य प्रदेश के बिजली कंपनी के पेंशनरों की महंगाई भत्ते में देरी के चलते अब पेंशनरों में नाराजगी बढ़ने लगी है और वे अब धरने-प्रदर्शन के बाद आंदोलन की तैयारी में है।पेंशनर्स एसोसिशन का कहना है कि पेंशनर्स को देश में 34 महंगाई राहत जबकि मध्य प्रदेश में महज 17 प्रतिशत मंहगाई राहत दी जा रही है।इस संबंध में रविवार को जबलपुर के पीएसएम कॉलेज में प्रदेश स्तरीय पेंशनर्स की बैठक बुलाई गई, जिसमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर समेत कई जिलों के पदाधिकारी समेत प्रांताध्यक्ष श्याम जोशी, गणेश जोशी, एचपी उरमलिया, एमएल चौकसे शामिल हुए ।पेंशनर्स एसोसिशन का कहना है कि देरी के चलते पेंशनरों में आक्रोश बढ़ने लगा है,सभी ने बैठक में तय किया है कि यदि जल्द पेंशनर्स के महंगाई भत्ते को लेकर सरकार ने निर्णय पेंशनर्स के हित में नहीं किया तो पेंशनर्स नर्मदा डुबकी लगाकर सरकार का विरोध करेंगे,इसके बाद भी फैसला नहीं लिया गया तो इस आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगीी।पेंशनर्स एसोसिशन ने मांग की है कि वर्तमान में मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी के खाते में 1000 करोड़ रुपये पेंशनर्स फंड में जमा है, ऐसे में मप्र विद्युत मंडल में 20000 करोड़ रुपये का पेंशन फंड बनना चाहिए ताकि सेवानिवृत्त हो रहे बिजली कर्मियों को समय पर पेंशन का भुगतान हो सके। पेंशनर्स को 1000 रुपये प्रतिमाह मेडिकल चिकित्सा भत्ता, 5 लाख रुपये आयुष्मान योजना के मुफ्त उपचार की सुविधा देने की मांग पेंशनर्स ने की। पेंशनर्स को 27 माह का बकाया वेतन और 32 माह का एरियस का भुगतान भी लंबित है।जबकी मप्र हाईकोर्ट की तरफ भी पेंशनर्स के पक्ष में निर्णय लिया जा चुका है।इसके संबंध में पेंशनर्स एसोसिएशन कंपनी प्रबंधन के साथ चर्चा करने जाएगा।वही 27 मई को पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी के साथ प्रांतीय पेंशनर्स एवं जनता यूनियन के साथ बैठक आयोजित की गई है।


