इंदौर। नाबालिग माँ ने ढाई महीने के बेटे को गला घोंटकर मार डाला। पुलिस की तफ्तीश में माँ पहले तो बरगलाती रही, लेकिन जब सख्ती हुई तो कबूला कि बच्चा रोता बहुत था और उसके होने से प्रेमी के साथ ठीक से रह नहीं पा रही थी इसलिए मार डाला। मामले में प्रेमी पहले ही पाक्सो एक्ट और रेप के आरोप में जेल जा चुका था।घटना खजराना थाना क्षेत्र की है। यहां रहने वाली नाबालिग का फरहान नामक लड़के से प्रेम प्रसंग चल रहा था। करीब एक साल पहले वो फरहान के साथ कहीं चली गई। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करवाई तो पुलिस ने दोनों को पीथमपुर क्षेत्र से बरामद कर लिया। जिस समय नाबालिग मिली वह गर्भवती थी। इधर पुलिस ने फरहान को जेल भेज दिया। नाबालिग ने 15 मार्च को बेटे को जन्म दिया। करीब ढाई महीने बाद 31 मई को गला घोंटकर मार डाला।
पहले कहा बीमारी से मरा, फिर जुर्म कबूला
पुलिस केस को मजबूत करने के लिए बच्चे का डीएनए कराने का कहती रही लेकिन परिजन इंकार करते रहे। इस बीच नाबालिग ने परिजनों से जिद करके फरहान की भी जमानत करवा ली। उधर, पुलिस डीएनए की कोशिश कर ही रही थी। कुछ दिन पहले जब फिर डीएनए की बात आई तो नाबालिग ने कह दिया कि बच्चा तो मर गया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और माँ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह कहती ररही कि कच्चा दूथ पीने के कारण उसकी तबियत बिगड़ गई थी इससे मर गया। बच्चे की माँ बार-बार बयान बदल रही थी, इससे पुलिस का शक पुख्ता हो गया। उसने सख्ती की तो नाबालिग ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने कहा बच्चा बहुत रोता था। वो परेशान हो गई थी। उसे संभाल भी नहीं पा रही थी इसलिए मार डाला। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल संप्रेषण गृह भेज दिया।


