‘विवादित बयान’ के विरोध में कतर ने भारतीय राजदूत को निंदा का प्रपत्र सौंपते हुए कहा
इस्लामी देश कतर की राजधानी दोहा में कल वहां की हुकूमत ने भारतीय राजदूत को तलब किया। कतर सरकार ने भारतीय राजदूत से नूपुर शर्मा के विवादित वक्तव्य को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर ने एक टीवी चैनल में बहस के दौरान जो कुछ कहा था उसने विवाद खड़ा कर दिया जिसे मुद्दा बनाते हुए खाड़ी के अनेक मुस्लिम देशों ने भारत सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताई।
इसी कड़ी में कतर के विदेश मंत्रालय ने भी नूपुर के उस बयान के प्रति अपना विरोध दर्ज कराते हुए दीपक मित्तल को भारत सरकार के लिए एक प्रपत्र देते नूपुर को पार्टी से निलंबित करने के कदम का स्वागत तो किया लेकिन साथ ही उनके वक्तव्य की भर्त्सना करते हुए एक निंदा प्रस्ताव भी सौंपा।कतर के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि ”मजहब के आधार पर नफरत को बढ़ाने वाला और मुस्लिमों का अपमान करने वाला जो बयान दिया गया है वह बेहद आपत्तिजनक है”।दोहा स्थित भारतीय दूतावास की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ”भारत के राजदूत ने विदेश कार्यालय में एक बैठक की, जिसमें ‘भारत में मजहबी व्यक्तित्व को बदनाम करने वाले कुछ आपत्तिजनक ट्वीट के संबंध में चिंता’ व्यक्त की गई है। राजदूत ने स्पष्ट किया है कि वे ट्वीट किसी भी तरह से भारत सरकार के विचारों को नहीं दर्शाते।”इससे पहले कतर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विदेश राज्य मंत्री सुल्तान बिन साद अल-मुरैखी ने भारत के राजदूत को एक नोट सौंपा है। विदेश मंत्रालय ने भारत में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा जारी बयान का स्वागत किया, जिसमें उसने पार्टी की नेता को निलंबित करने की घोषणा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर भारत सरकार से सार्वजनिक माफी मांगने और ऐसी टिप्पणियों की तत्काल निंदा करने की उम्मीद कर रहा है।उल्लेखनीय है उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू कल कतर में थे और यहां उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री व गृह मंत्री शेख खालिद बिन खलीफा बिन अब्दुल अजीज अल सानी से मुलाकात की थी। दूतावास प्रवक्ता ने कहा कि भारत-कतर संबंधों के विरुद्ध काम करने वाले निहित स्वार्थी लोग ऐसी अपमानजनक टिप्पणियों का उपयोग करके लोगों को भड़का रहे हैं।


