लोकमतसत्याग्रह/भोपाल। मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव के लिए ‘नाम वापसी’ का कल अंतिम दिन था। इस बीच कई जगह शांतिपूर्वक निर्विरोध प्रत्याशी जीते तो कई जगह अभी भी कांटे की टक्कर है लेकिन इससे हटके एक दिलचस्प मामला भोपाल की जनपंद से सामने आया है। यहां नाम वापसी के दिन प्रत्याशियों ने बड़ा अनोखा तरीका अपनाकर सदस्य का फैसला किया। जिसके बाद बाकी के उम्मीदवारों ने खुशी-खुशी अपना नाम वापस ले लिया। चुनाव में लाखों रूपए बचाने के लिए ये फैसला लिया गया था। उम्मीदवारों का कहना था, चुनाव में शराब न बांटना पड़े और लाखों रुपए खर्च नहीं करना पड़े, इसलिए यह निर्णय लिया। यह राशि गांव के विकास में लगाएंगे।
हनुमान जी ने चुना सदस्य
मामला भोपाल के जनपद पंचायत फंदा की है। यहां वार्ड 12 में सदस्य पद के लिए 3 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया था, लेकिन नाम वापसी के दिन ही सदस्य को चुन लिया। दरअसल, तीनों उम्मीदवार लालचंद्र गुर्जर, नरेंद्र मीणा और राकेश मीणा अपनी किस्मत का फैसला कराने ग्रामवासिया के साथ श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां तीनों सदस्यों ने पर्ची में अपना-अपना नाम लिखकर एक पर्ची का चयन किया और कहा कि जिसका भी नाम आएगा वहीं सदस्य होगा, बाकी के दोनों उम्मीदवार अपना नाम वापस ले लेंगे। मंदिर में सभी प्रत्याशी और ग्रामीणजन बैठे। एक कन्या ने तीनों के नाम में से एक की पर्ची निकाली। पर्ची लालचंद्र गुर्जर के नाम की निकली तो बाकी दो सदस्य नरेंद्र मीना और राकेश मीना ने नाम वापस ले लिया और लालचंद्र गुर्जर को निर्विरोध सदस्य घोषित कर दिया गया और निर्णय अनुसार हुजूर एसडीएम ऑफिस जाकर दोनों ने नामांकन वापस ले लिए।
शराब न बंटे और लाखों रुपए बचे इसलिए लिया फैसला
भोपाल में दो जनपदें हैं। इनमें से एक फंदा जनपद है, जिसमें 25 वार्ड हैं। इनके लिए कुल 90 नामांकन दाखिल हुए थे जिनमें से 7 नामांकन वापस ले लिए गए। इसमें भी दो नामांकन ऐसे थे, जिनके बारे में सुनकर अफसर भी खुश हो गए। फंदा जनपद के वार्ड-12 में तीन उम्मीदवार नरेंद्र मीना, राकेश मीना और लालचंद्र गुर्जर मैदान में थे। इनमें से गुर्जर निर्विरोध चुन लिए गए।
कितने नामांकन हुए दाखिल
30 मई से 6 जून के बीच भोपाल, इंदौर, जबलपुर-ग्वालियर समेत सभी 52 जिलों में जिपं सदस्य के लिए कुल 4,718 नामांकन दाखिल हुए थे जिला और जनपद सदस्य ही अध्यक्ष चुनेंगे। ऐसे में वे नेता जो अध्यक्ष बनने का सपना देख रहे हैं, वे अपने सामने खड़े हुए कैंडिडेट्स से दो-तीन दिन से मनुहार करते रहे। भोपाल में निवर्तमान जिपं अध्यक्ष मनमोहन नागर 4 घंटे तक डटे रहे तो इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन समेत अन्य जिलों में भी यही तस्वीर देखने को मिली। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर समेत कई जिलों में BJP और कांग्रेस पहले ही अपने जिपं सदस्य के प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।


