लोकमतसत्याग्रह/छिंदवाड़ा। कश्मीर के बारामूला में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में सैनिक भारत यदुवंशी शहीद हो गए। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम रोहनाकला निवासी भारत यदुवंशी भारतीय थल सेना में सैनिक के पद पर पदस्थ थे। वर्तमान में वे कश्मीर के बारामूला इलाके में पदस्थ थे। बुधवार को गश्त करते समय आतंकवादियों के साथ सैन्य कार्रवाई में वो वीरगति को प्राप्त हुए।शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही छिंदवाड़ा पहुंचा तो पार्थिव शरीर को श्रद्धांजली देने लोगों का जनसैलाब उमड़ा। साल 2016 में भारतीय सेना की भर्ती में शामिल होने के बाद और सभी परीक्षाओं को पास करने के बाद भारत यदुवंशी सैनिक के पद पर चयनित हुए। उन्होंने प्राथमिक, हाईस्कूल व हायर सेकंडरी तक की शिक्षा शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल रोहनाकला से पूरी की थी और छिंदवाड़ा के डी.डी.सी. कॉलेज से बी.कॉम किया था। उन्हें शुरुआत से ही सेना में जाने का जूनन था। भारत यदुवंशी ने भारत माता की सेवा और रक्षा का संकल्प लिया था।
फर्स्ट अटेम्पट में ही हो गए थे सेना के लिए सलेक्ट
शहीद सैनिक भारत यदुवंशी माता-पिता का खेती में हाथ बंटाने के साथ ही अपनी पढ़ाई पूरी की। कड़ी महनत के बाद वे पहले ही प्रयास में सेना में चयनित हो गए और देश की सेवा के लिए भारतीय सेना में शामिल हो गए। पिछले एक साल से वह कश्मीर के बारामूला में तैनात थे। परिवार के सदस्यों का कहना है कि जिस जगह सैनिक भारत तैनात थे, वो अकेले दम पर मोर्चा संभाल रहे थे । आतंकवादियों से लड़ते हुए बुधवार को जिले के वीर सपूत वीरगति को प्राप्त हुए।
पीछे छोड़ गए भरा पूरा परिवार
शहीद जवान की चार साल पहले ही शादी हुई थी। शहीद भारत के पिता ओमप्रकाश उर्फ गुड्डू यदुवंशी किसान हैं। मां सुशीला यदुवंशी गृहिणी हैं। परिवार में एक बहन सोनम, एक छोटा भाई नारद यदुवंशी है । पत्नी उर्मिला की दो बेटियां यशी और अप्पू हैं और वो गर्भवती भी है। पति की शहादत की खबर मिलते ही वह शांत है और किसी से बात नहीं कर पा रही। बेटे को याद कर मां भी अपना आपा खो दिया। गांव में मातम का माहौल छा गया। शहीद के घर पहुंचने वालों का तांता लगा दिखाई दिया। छोटा भाई भी आर्मी में है और फिलहाल कश्मीर के पुलवामा में तैनात हैं।
नम आंखों से दी विदाई
छिंदवाड़ा के वीर सपूत शहीद भारत यदुवंशी का पार्थिव शरीर जब उनके गृहग्राम पहुंचा तो सैकड़ों लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। परिवार के साथ छुट्टी बिताने के बाद सीमा की रक्षा करने भारत यदुवंशी जम्मू कश्मीर पहुंचे थे। वे वहां आतंकी मुठभेड़ में ग्रेनाइट फटने के कारण बुरी तरह घायल हो गये थे, 1 घंटे तक चले उपचार के बाद भारत यदुवंशी ने आखिरी सांसें लीं।


