छिंदवाड़ा:NCP ने किन्नर को बनाया मेयर प्रत्याशी, एक पार्षद भी मैदान में

लोकमतसत्याग्रह/छिंदवाड़ा मप्र में नगरीय निकाय चुनावोंको लेकर सियासी माहौल बन गया है। भाजपा, कांग्रेस सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलोंने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र से सटे छिंदवाड़ा में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीने किन्नर अंजलीको महापौर प्रत्याशी घोषित किया है। वार्ड नंबर 31 की निवासी अंजली को एनसीपी ने मेयर प्रत्याशी घोषित कर सबको चौंका दिया है। छिंदवाड़ा में ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब किसी किन्नर ने महापौर पद के लिए फॉर्म भरा है। वार्ड पार्षद के लिए भी एक किन्नर ने नामांकनदाखिल किया है।

नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन सभी पार्टियां अपने प्रत्याशी घोषित करने में जुटी हैं। महापौर पद की उम्मीदवार अंजली ने बताया कि वह दसवीं क्लास तक पढ़ी हैं। छिंदवाड़ामें राजनीतिक पार्टियों में लगातार बगावत हो रही है, वार्ड पार्षद के चुनाव को लेकर उम्मीदवार अपनी अपनी पार्टी में उम्मीदवारी कर रहे हैं, जिन्हें टिकट नहीं मिल रहा, वह बगावत कर निर्दलीय रूप से फॉर्म भर रहे हैं।

किया जीत का दावा

दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुनील चौरसिया ने कहा कि उनकी पार्टी ने दोनों किन्नरों को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। समाज में अब तक किन्नरों को उपेक्षित दृष्टि से देखा जाता रहा है। उन्हें चुनावी टिकट देकर जनता के सामने लाने का प्रयास एनसीपी ने किया है। निगम चुनाव में उपस्थिति दर्ज कराएंगे। पार्टी चुनाव जीतेगी।

सागर में कमला बुआ ने रचा था इतिहास

नगरीय निकाय के चुनावों में सबसे पहले कटनी जिले से कमला जान महापौर बनी थी। हालांकि बाद में उन्हें हटा दिया था। साथ ही सागर में भी कमला बुआ को जीत मिली थी बाद में उनका भी निर्वाचन रद्द हो गया था। भारी बहुमतों से जीतने के लिए कमला बुआ ने अपने वचन पत्र में सौ दिनों में शहर की सड़क, तालाब जैंसे मुद्दों को हल करने का वादा किया था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। जीत के कुछ वक्त बाद कमला बुआ ने बीजेपी की सदस्यता ले ली थी। लेकिन दो साल बाद सागर की जिला अदालत ने खुद को अनुसूचित जाति वर्ग से संबद्ध होना सिद्ध नहीं कर पाईं थी, जिसस कारण जिला कोर्ट ने कमला के चुनाव को शून्य घोषित कर दिया था। 2009 चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी किन्नर कमला बुआ ने अपनी निकटतम प्रत्याशी भाजपा की सुमन अहिरवार को रिकॉर्ड 43433 वोट से हराकर जीत का परचम लहराया था। कांग्रेस समेत बाकी चार प्रत्याशियों की जमानतें भी जब्त हो गई थी। कमला बुआ को कुल 64683 वोट मिले थे।

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