लोकमतसत्याग्रह/दिल्ली। BJP ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। पार्टी ने द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी की संसदीय बोर्ड की बैठक में यह फैसला हुआ। इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य बैठक में मौजूद रहे। राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों की ओर से संयुक्त उम्मीदवार के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा गया है। झारखंड की नौंवी राज्यपाल रहीं 64 साल की द्रौपदी मुर्मु ओडिशा के मयूरभंज की रहने वाली हैं।
द्रौपदी मुर्मू कौन हैं…?
अगर द्रौपदी मुर्मू चुनी जाती हैं तो वो भारत के इतिहास में पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी। साथ ही अगर वो चुनाव जीतती हैं तो प्रतिभा पाटिल के बाद देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बनेंगी। अगर वो जीतती हैं तो ओडिशा राज्य से आने वाली पहली राष्ट्रपति होंगी। द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला गवर्नर रही हैं। वो ओडिशा की पहली महिला और आदिवासी नेता रही हैं, जिन्हें किसी भारतीय राज्य में गवर्नर बनाया गया हो और जिसने अपना कार्यकाल पूरा किया हो।
अगर द्रौपदी मुर्मू का जीवन बेहद संघर्षमय रहा है और उन्होंने सार्वजनिक जीवन में बड़ा योगदान दिया है। वो एक बेहद गरीब आदिवासी परिवार में पैदा हुईं। लेकिन उनके अंदर समाज के उत्थान के लिए काम करने की ललक थी। उन्होंने रैरंगपुर के श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर में बिना वेतन के अध्यापन कार्य किया। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर रैरंगपुर एनएसी के वाइस चेयरमैन के तौर पर शुरू किया। उन्हें ओडिशा विधानसभा ने वर्ष 2007 में सर्वश्रेष्ठ विधायक के तौर पर नीलकंठ अवार्ड से सम्मानित किया। उन्होंने ओडिशा सरकार में ट्रांसपोर्ट, वाणिज्य, मछलीपालन, पशुपालन जैसे कई अहम विभाग संभाले।
1997 में शुरू हुआ राजनीतिक जीवन
1997 में वे पहली बार नगर पंचायत का चुनाव जीत कर पहली बार स्थानीय पार्षद (लोकल कौंसिलर) बनी। वह ऐसे राज्य से ताल्लुक रखती हैं, जहां 2014 की मोदी लहर में भाजपा का महज एक सीट पर खाता खुल पाया था। राज्य में लोकसभा की 21 सीटें हैं। 2014 में 20 सीटें बीजद ने जीती थीं।
देश को मिलने जा रहा पहला आदिवासी राष्ट्रपति
पहला मौका है जब देश को आदिवासी राष्ट्रपति मिलने जा रही हैं। इससे पहले अब तक देश में कोई आदिवासी राष्ट्रपति नहीं रहा। इस लिहाज से मुर्मू आदिवासी और महिला, दोनों वर्ग में फिट बैठती हैं। जेपी नड्डा ने मुर्मू के नाम का ऐलान करते हुए कहा कि पहली बार किसी महिला आदिवासी प्रत्याशी को वरीयता दी गई है। गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए आदिवासी समुदाय पर बीजेपी का फोकस है। माना जा रहा है कि पार्टी उनके बहाने आदिवासी वोटों पर नजर टिकाए हुए है।
कब होंगे राष्ट्रपति चुनाव?
राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होगा। 21 जुलाई को परिणाम आएगा। इसके बाद देश को नए महामहिम मिल जाएंगे। चुनाव में वोटिंग के लिए विशेष इंक वाला पेन मुहैया कराया जाएगा। वोट देने के लिए 1,2,3 लिखकर पसंद बतानी होगी। पहली पसंद ना बताने पर वोट रद्द हो जाएगा।
विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को बनाया उम्मीदवार
मंगलवार दोपहर विपक्ष ने भी अपने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया। विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने विपक्ष की बैठक के बाद इस घोषणा करते हुए कहा, ‘हमने विपक्षी दलों ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि यशवंत सिन्हा राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के आम उम्मीदवार होंगे।’ माना जा रहा है कि यशवंत सिन्हा 27 जून को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।


