शहडोल: अजब मध्यप्रदेश का गजब चुनाव, चिन्ह मिला ताला चाबी मतदान के दिन हो गया हैंडपंप

लोकमतसत्याग्रह/शहडोल त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण का मतदान संपन्न हो गया। वहीं शहडोल जिले के बुढ़ार जनपद पंचायत के एक ग्राम पंचायत से प्रशासन की बड़ी खामी सामने आई है जहां सरपंच पद की एक महिला प्रत्याशी को मतदान के दिन पता चला कि अब तक जिस चुनाव चिन्ह को लेकर अपना प्रचार कर रही थी वह असल में उसका नहीं था। 

घोरवे ग्राम पंचायत की सरपंच उम्मीदवार सुरतिया बाई ने ताला चाभी चुनाव चिन्ह से प्रचार किया लेकिन मतदान के दौरान पता चला कि बैलेट में उनका चुनाव चिन्ह हैण्डपम्प है। इसके बाद शिकायत की गई लेकिन मतदान चलते रहने दिया गया। बताया गया है कि उम्मीदवार सुरतिया को सचिव राकेश त्रिपाठी ने व्हाट्सएप के माध्यम से ताला चाबी चुनाव चिन्ह का पत्र भेजा था जबकि मतदान शुरू हुआ तो उसमें महिला प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह हैंडपंप था चुनाव चिन्ह बदलने के कारण पूरा प्रचार बेकार हो गया और महिला प्रत्याशी अपने आप पूरी लड़ाई से बाहर हो गई  महिला सरपंच प्रत्याशी ने पूरे मामले की शिकायत भी की है लेकिन कोई ठोस कार्यवाही होने की जगह प्रशासनिक अमले की तैनाती में मतदान संपन्न करा लिया गया है।

अभ्यर्थी ने कहाप्रचार हुआ बेकार 

पीड़ित महिला अभ्यर्थी ने बताया कि स्क्रूटनी के बाद उसने अपने चुनाव चिन्ह आवंटन के लिये ग्राम सचिव राकेश त्रिपाठी से संपर्क किया तो उन्होंने व्हाट्सएप के माध्यम से आवंटित चुनाव चिन्ह भेजा । जिसमें उसे ताला चाबी चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया था । उसने बाकायदा इस चुनाव चिन्ह के साथ ग्राम स्तर पर प्रचार प्रसार भी किया लेकिन जब खुद मतदान करने पहुंची तो बैलेट पेपर से उनका चुनाव चिन्ह ही गायब था ।

शिकायत सुनने को तैयार नहीं अधिकारी

अभ्यर्थी सरपंच महिला ने बताया कि जब उसने मामले की शिकायत पीठासीन अधिकारी सहित विभिन्न उच्च अधिकारियों से की तो उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई । दूसरी तरफ ग्राम पंचायत घोरवे में मतदान करने के लिए डीपीसी मदन त्रिपाठी सहित तहसीलदार की मौजूदगी में मतदान संपन्न करा लिया गया । जबकि उसकी मांग थी कि चुनाव संपन्न हो लेकिन उसे पूर्व में आवंटित चुनाव चिन्ह को दर्ज कर मतदान कराया जाए।

गड़बड़ी की आशंका, डटे रहे डीपीसी 

खास बात यह है कि इस पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर चाहे जो भी गड़बड़ी हुई हो लेकिन इस गड़बड़ी से अभ्यर्थी महिला के जहां अधिकारों का हनन हुआ है । वहीं पीड़ित अभ्यर्थी महिला के पति शिक्षा विभाग में कार्यरत है जिसे देखते हुए उक्त स्थल पर लगभग पूरे दिन डीपीसी मदन त्रिपाठी की मौजूद रहे ताकि मामला तूल न पकड़ सके।

Leave a comment