राजा का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज में होने वाला था। वनकर्मियों ने 23 अगस्त को एक भव्य समारोह में ‘राजा’ का जन्मदिन मनाने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन उससे पहले ही उसका निधन हो गया।
लोकमतसत्याग्रह/पश्चिम बंगाल के रॉयल बंगाल टाइगर को सबसे लंबे जीवन काल का रिकॉर्ड बनाने के लिए केवल 40 दिन बाकी थे, लेकिन इसके पहले दक्षिण खैरबारी में ‘राजा’ की मौत हो गई। जलदापारा के टाइगर रिहैबिलिटेशन सेंटर में उसका निधन हो गया। बाघ की मृत्यु के समय उसकी आयु 26 वर्ष, 10 महीने और 20 दिन थी। उल्लेखनीय है कि सुंदरबन में दुनिया के सबसे बुजुर्ग बाघ पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया था, जिसके चलते वह बुरी तरह घायल हो गया था।
खाना कर दिया था बंद
एसकेबी बचाव केंद्र के अनुसार बाघ राजा ने सोमवार को सुबह 3 बजे के करीब दम तोड़ा था। दरअसल राजा का स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था। इसके चलते उसका सारा खान—पान बंद हो चुका था। वन विभाग के डॉक्टर उत्पल शर्मा के अनुसार राजा ने बुढ़ापे के कारण कई दिनों से खाना बंद कर दिया था। जलदापारा राष्ट्रीय उद्यान वन अधिकारी दीपक एम, अलीपुरद्वार के जिलाधिकारी सुरेंद्र कुमार मीना,वन निदेशालय के अधिकारी दीपक एम समेत अन्य वन कर्मियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर बाघ के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी.
घायल हालत में पकड़ा था बाघ को
राजा का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज में होने वाला था। वनकर्मियों ने 23 अगस्त को एक भव्य समारोह में ‘राजा’ का जन्मदिन मनाने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन उससे पहले ही उसका निधन हो गया। खबरों के अनुसार अलीपुरद्वार जिले के जलदापारा के बाघ पुनर्वासन केंद्र में उसे रखा गया था। और राजा का 27वां जन्म दिन धूमधाम से मनाया जाने वाला था। लेकिन दुनिया के सबसे बुजुर्ग बाघ ने दम तोड़ दिया और सबसे अधिक समय तक जीवित रहने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने से वंचित रह गया। बता दें कि वन विभाग साल 2006 में इस बाघ को सुंदरबन के जंगल से घायल हालत में पकड़ा गया था।
मगरमच्छ के हमले में हो गया था घायल
राजा जब सुंदरबन में मातला नदी पार कर रहा था तो इस दौरान मगरमच्छ ने हमला कर दिया। इस हमले में वह बुरी तरह घायल हो गया। इसके बाद से ही उसका इलाज किया जा रहा था। लेकिन प्राण नहीं बचाए जा सके। गौरतलब है कि सुंदरवन में 96 बाघ हैं, लेकिन राजा की मौत के बाद अब इनकी संख्या घटकर 95 रह गई है।


