लोकमतसत्याग्रह/विदिशा। गरीबों के लिए लागू की गई आयुष्मान योजना में भारी भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। प्रदेश के अनेक जिलों में इसकी शिकायते आई है। विदिशा जिले में भी आयुष्मान योजना में घोटाला होने के आरोप लग रहे है। इसको लेकर ग्राहक पंचायत के जिला अध्यक्ष विनोद शाह ने इसके खिलाफ कलेक्टर उमाशंकर भार्गव को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में और देश भर में आयुष्मान कार्ड को लेकर निजी अस्पताल बड़ा घोटाला कर रहे हैं। उन्होंने निजी अस्पतालों पर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। आयुष्मान कार्ड धारी सामान्य बीमारी को लेकर इलाज के लिए भर्ती होता है,लेकिन अस्पताल कागजों में उन्हें गंभीर बीमारी बताकर शासन से लाखों रुपए वसूल लेता है। कुछ दिन पहले प्रदेश में चलाए गए अभियान में कई अस्पताल बंद होने की कगार पर है।
गरीब तबके के लोगों के लिए बनाई गई है ये योजना
विनोद ने बताया कि शासन ने यह योजना गरीब तबके के लोगों को निजी अस्पतालों में भी अच्छे इलाज की सुविधा देने के उद्देश्य से बनाई है। भर्ती मरीज के इलाज की राशि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से शासन द्वारा अस्पतालों को प्रदान की जाती है। इसमें अस्पताल मनमाने ढंग से बीमारी का इलाज बताकर मरीज के आयुष्मान कार्ड से 5 लाख तक की राशी निकाल लेते है।
प्रदेश में करीब 16 निजी अस्पतालों को बंद करने की तैयारी
समिति ने पूरे प्रदेश में अभियान चलाया हुआ है, जिसके तहत 3000 अस्पतालों की जांच की गई। इसमें 800 करोड़ रुपए का घोटाला होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कई हॉस्पिटल के पेमेंट रोके भी गए है। वहीं इस पूरे मामले में ग्राहक पंचायत के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रदीप जैन ने बताया कि प्रदेश में करीब 16 निजी अस्पतालों को बंद करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इस घटनाक्रम में सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। ताकि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से हो रहे घोटाले को रोका जा सकें।


