हिन्दू समाज की ओर से नई दिल्ली के मंडी हाउस से जंतर-मंतर तक संकल्प मार्च का आयोजन किया गया। विशाल संकल्प मार्च में दिल्ली-एनसीआर के 1,50,000 से अधिक हिन्दुओं ने भाग लिया
लोकमतसत्याग्रह/पिछले कुछ समय से देश भर में कट्टरपंथियों द्वारा जान-बूझकर अराजकता की स्थिति उत्पन्न की जा रही है। जगह-जगह उन्माद फैलाया जा रहा है। हिन्दुओं को बात-बात पर डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। ‘सिर तन से जुदा’ के जिहादी नारे लगाती पगलाई भीड़ यहीं नहीं रुक रही, वह उदयपुर और अमरावती जैसी घटनाओं को अंजाम देकर देश को शरिया कानून के तहत चलाने की साजिशें रचती दिखाई दे रही है। शायद ही ऐसा कोई दिन जाता हो, जब देश के अलग-अलग इलाकों से जिहादियों की ओर से हिंदुओं के ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकी न आती हो। यानी नूपुर शर्मा का जो भी समर्थन करता दिखाई देता है, उसे डराया-धमकाया जाता है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान इसके उदाहरण हैं। जाहिर है, देश का हिन्दू समाज न केवल जिहादी घटनाओं से व्यथित है, बल्कि आक्रोशित है। इस बाबत एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए देश भर में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।इसी कड़ी में गत 9 जुलाई को समस्त हिन्दू समाज की ओर से नई दिल्ली स्थित मंडी हाउस से जंतर-मंतर तक संकल्प मार्च आयोजित किया गया। इस मार्च में दिल्ली-एनसीआर के 1,50,000 से अधिक हिन्दुओं ने भाग लिया। मजहबी उन्माद से आक्रोशित सभी लोगों का स्पष्ट कहना था कि ये देश संविधान से चलेगा, शरीयत या जिहाद से नहीं। इस दौरान बच्चों से लेकर युवा तक, महिलाओं से लेकर वृद्ध तक सभी ‘वंदे मातरम्’, ‘जय श्री राम’, ‘भारत माता की जय’, ‘जो हिन्दू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा’, ‘कन्हैया-उमेश के हत्यारों को फांसी दो-फांसी दो’, ‘जिहादी हिंसा नहीं सहेंगे’ जैसे नारे लगाए जा रहे थे।
भगवामय हुर्इं दिल्ली की सड़कें
संकल्प मार्च के दौरान दिल्ली की सड़कें भगवामय थीं। पूरे दिल्ली-एनसीआर से हिन्दुओं की भागीदारी देखने को मिली। मंडी हाउस से लेकर जंतर-मंतर तक अगर कुछ दिखाई पड़ रहा था तो सिर्फ हाथों में तिरंगा और भगवा ध्वज लिए हुए लोग। ये कतारबद्ध लोग पूरे अनुशासन के साथ जंतर-मंतर पहुंच रहे थे। खास बात यह थी कि मार्च में सभी मत-संप्रदायों के लोग शामिल होकर जिहादी अराजकता के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।
हिंदुओं को कोई डरा नहीं सकता
जंतर-मंतर पर मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित थे विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष श्री आलोक कुमार। संकल्प मार्च को संबोधित करते उन्होंने कहा,‘‘हिंदुओं पर हो रहे हमले ठीक नहीं हैं। हिंदुओं को न कोई विभाजित कर सकता और न ही डरा सकता है। देश में नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले लोगों पर हमले हो रहे हैं। यह किसी भी तरीके से स्वीकार्य नहीं है। भारत देश संविधान से चलेगा। यहां जिहाद के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा न देने की वजह से हुई है। इसके अलावा आए दिन अलग-अलग जगहों से जिहादियों द्वारा हिन्दुओं को धमकी दी जा रही है। इसे देखते हुए विहिप ने प्रांतवार हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अगर किसी भी हिंदू को धमकी मिल रही है तो वह इन नंबरों पर फोन करे। उनकी मदद के लिए हमारे कार्यकर्ता हर संभव सुरक्षा के लिए तैयार हैं।
न्यायिक सुधार की जरूरत
संकल्प मार्च में शामिल सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि नूपुर शर्मा ने माफी मांग ली है। बावजूद इसके पूरे देश में अराजकता का वातावरण पैदा किया जा रहा है। जघन्य हत्याएं की गई हैं। इसे देखते हुए देशभर का हिन्दू समाज आक्रोशित है। सब चाहते हैं कि हत्यारों को फांसी की सजा मिले। लेकिन अगर आप देखें तो पिछले 50 साल में जिहादियों को फांसी नहीं हुई। दो चार आतंकवादियों को छोड़ दें तो ज्यादातर जिहादियों को फांसी नहीं होती। इसलिए हमारा कहना है कि इसके लिए तत्काल अलग से कानून बने। न्यायिक सुधार हो ताकि एक साल के अंदर हत्यारों को फांसी हो सके। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक हत्याएं होती जा रही हैं और जिहादियों को फांसी नहीं हो रही। इसीलिए उनके मन में खौफ नहीं है। दूसरा, पूरी दुनिया को पता है कि मदरसों में जिहाद सिखाया जा रहा है। इसलिए मदरसे बंद हों, और समान शिक्षा लागू हो। इस दौरान भाजपा नेता कपिल मिश्र ने कहा कि देश में कानून बिगाड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। कानून बचाने के लिए हिंदू समाज सड़क पर उतरा है। संकल्प मार्च तो अभी एक संदेश है उन लोगों के लिए जो जिहाद फैला रहे हैं।
जिहादी मानसिकता को कुचलना होगा
संकल्प यात्रा में शामिल सिख समाज के रविन्दर सिंह का कहना था कि कन्हैया की हत्या गंदी मानसिकता दिखाती है। देश में सभी को अपनी बात कहने का हक है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि सहमत न होने पर आप किसी का गला काट देंगे। निश्चित ही यह मानसिकता मुगलों के समय से चली आ रही है, जिसे कुचलना होगा। इन लोगों ने ही गुरु तेग बहादुर साहब का सिर कलम किया था। आज भी ये उसी मानसिकता पर चल रहे हैं। इसी तरह चरणजीत सिंह ने कहा कि सिख समाज पूरी दमदारी के साथ हिन्दू समाज के साथ खड़ा है। यहां तालिबानी राज चलने नहीं दिया जाएगा। मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं।विकासपुरी की मीना खन्ना ने कहा कि हिन्दू समाज सड़क पर उतरकर यह संदेश दे रहा है कि कोई भी हिन्दुओं को दबा हुआ ना समझे। देश में कहीं भी हिन्दुओं पर अत्याचार होगा तो हम सब चुप नहीं बैठेंगे। ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। इसी तरह दिल्ली विश्वविद्यालय की शिक्षिका प्रेरणा मल्होत्रा ने कहा, ‘‘पिछले कुछ समय से देश में जिहादी तत्व बौखलाए हुए हैं। इसी के चलते वे हिन्दुओं को निशाना बना रहे हैं। उदयपुर और अमरावती की घटनाएं इसका उदाहरण हैं। इस सबके पीछे पीछे नूपुर शर्मा के एक बयान को जिम्मेदार माना जा रहा है।मेरा कहना है कि हो सकता है किसी को नूपुर की टिप्पणी का अंदाज पसंद नहीं आया हो, लेकिन मैं चुनौती देकर कह सकती हूं कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा जो उनकी ही किताब में गलत हो।’’ राजनीतिक विश्लेषक के रूप में उपस्थित अवनिजेश अवस्थी ने कहा, ‘‘उदयपुर और अमरावती में जो घटनाएं हुई हैं, वे पूरे देश के लिए बहुत ही चिंताजनक हैं। जिहादी और आतंकवादी मानसिकता के लोगों ने जिस तरीके से क्रूर, जघन्य अपराधों को अंजाम दिया है, उसे देखते हुए हम सभी भारतवासियों को एकजुट होकर प्रतिकार करना होगा।’’ मार्च का एक ही संदेश था कि जिहादी मानसिकता को जड़ से मिटाने के लिए हिन्दू एकजुट हों।


