लोकमतसत्याग्रह/मुंबई।18 जुलाई को हिंदी फिल्मों के पॉपुलर सिंगर भूपेंद्र सिंह का 82 साल की उम्र में निधन हो गया। वो काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर सुनकर बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री और फैंस के बीच शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके दोस्त और फैंस ने उनके निधन के बाद शोक जताया है। आज भले ही वो हमारे बीच न रहे हो लेकिन वो और उनके गाने हमेशा उनके फैंस के दिलों में याद रहेंगे।
PM मोदी संग कई सितारों ने जताया दुख
भूपेंद्र के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके फैंस ने दुख जताया। वहीं गायक शफकत अमानत अली ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा- क्या कमाल के आर्टिस्ट थे। आज मैं बहुत दुखी हूं। डायरेक्टर अशोक पंडित ने लिखा-सिंगर और गिटारिस्ट भूपिंदर सिंह का निधन फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा नुकसान है। वो हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।
फैंस हुए दुखी
भूपेंद्र की मौत के बाद उनके फैंस काफी दुखी है। वो भूपेंद्र को लेकर सोशल मीडिया पर ट्वीट कर रहे है। एक यूजर ने लिखा- लेजेंड हमेशा याद रहते है। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा-आप बहुत याद आएंगे।
भूपेंद्र के मशहूर गाने
भूपेंद्र सिंह ने कई मशहूर जाने गाए है। इसमें’मेरा रंग दे बसंती चोला’, ‘प्यार हमें किस मोड़ पर पर ले आया’, ‘हुजूर इस कदर’, ‘दिल ढूंढता है फिर वही’, ‘एक अकेला इस शहर में’, ‘जिंदगी मिलके बिताएंगे’, ‘बीती ना बितायी रैना’, ‘नाम गुम जाएगा’ समेत कई अन्य गाने शामिल है। भूपेंद्र सिंह को ‘मौसम’, ‘सत्ते पे सत्ता’, ‘आहिस्ता आहिस्ता’, ‘दूरियां’, ‘हकीकत’ और कई अन्य फिल्मों में उनके यादगार गीतों के लिए याद किया जाता है। उनके कुछ प्रसिद्ध गीत हैं- ‘होके मजबूर मुझे, उसे बुलाया होगा’, (मोहम्मद रफी, तलत महमूद और मन्ना डे के साथ), ‘दिल ढूंढता है’, ‘दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता’, ‘एक अकेला इस शहर में’, ‘हुजूर इस कदर भी ना इतरा के चलिए’, ‘बादलों से काट-काट के, रातभर नाम जोड़ना’, ‘बीती ना बिताई रैना।


