15 वें राष्ट्रपति के लिए वोटों की गिनती आज, द्रौपदी मूर्म और यशवंत सिंह के बीच है मुकाबला, चौंका सकते हैं आदिवासी MP-MLA के वोट

लोकमतसत्याग्रह/दिल्ली देश को 21 जुलाई यानी आज पता चल जाएगा कि 15वां राष्ट्रपति कौन होगा। राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतदान हो चुका है। सुबह 11 बजे संसद भवन में मतगणना शुरू होगी। एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू, जबकि विपक्ष की तरफ से यशवंत सिन्हा उम्मीदवार हैं। मुर्मू की जीत की काफी संभावना जताई जा रही हैं। यदि वह जीत हासिल करतीं हैं, तो देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बन जाएंगी। 

रिटर्निंग ऑफिस करेंगे वोटों की जांच

जानकारी के मुताबिक सबसे पहले विधायकों फिर सांसदों के मतपत्रों की छंटनी होगी। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी मतों की जांच करेंगे। नियम के मुताबिक सांसदों के मत पत्र में प्राथमिकता हरे रंग के पेन से और विधायकों के मत पत्र में गुलाबी रंग के पेन से लिखी होगी। काउंटिंग के दौरान रूम में मुर्मू और सिन्हा के नाम की एक-एक ट्रे रखी होगी। मुर्मू को प्राथमिकता वाला मत पत्र उनकी ट्रे में और सिन्हा को प्राथमिकता वाला मत पत्र उनकी ट्रे में रखा जाएगा। छंटनी खत्म होने के बाद वोटों की गिनती शुरू की जाएगी।

उपरबेड़ा गांव में जश्न का माहौल

ओडिशा के मयूरभंज जिले का आदिवासी गांव उबरबेड़ा है। इस गांव को कुछ दिनों पहले तक कोई नहीं जानता था। बीते दिनों द्रौपदी मुर्मू को एनडीए ने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया तो यह गांव लाइमलाइट में आ गया। इस गांव में जश्न का माहौल है क्योंकि यही वह गांव है, जहां द्रौपदी मुर्मू का जन्म हुआ था। गांव के लोग द्रौपदी मुर्मू की जीत का ऐलान होने से पहले ही खुशियां मना रहे हैं। ग्रामीणों ने गुरुवार को गांव में ‘विजय दिवस’ मनाने की तैयारी की है। पूरा गांव आश्वस्त है कि उनकी बेटी को देश के शीर्ष पद पर बैठेगी।

कैसे निर्धारित होगी जीत

राष्ट्रपति चुनाव में सबसे अधिक वोट पाने वाला विजेता नहीं बल्कि एक निश्चित कोटे से अधिक वोट पाने वाला होता हैं। प्रत्येक उम्मीदवार के लिए डाले गए वोटों को जोड़कर, दो से विभाजित करके और उसमें ‘1’ जोड़कर कोटा निर्धारित किया जाता है। इस वैल्यू से अधिक वोट पाने वाले उम्मीदवार की जीत होती है।

99 प्रतिशत से अधिक हुआ मतदान

मनोनीत सांसदों को छोड़कर संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्य सभा के सदस्य और सभी राज्यों की विधानसभा के सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करते हैं। राष्ट्रपति चुनाव में 776 सांसदों और 4,033 निर्वाचित विधायकों समेत कुल 4,809 मतदाता मतदान के पात्र थे। इसमें मनोनीत सांसद व विधायक और विधान परिषद के सदस्य मतदान नहीं कर सकते।

निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान के दौरान 99 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपना वोट डाला। भारतीय जनता पार्टी के सांसद सनी देओल और संजय धोत्रे समेत आठ सांसद मतदान नहीं कर पाए। देओल मतदान के दौरान इलाज के लिए विदेश गए हुए हैं, जबकि धोत्रे आईसीयू में भर्ती हैं।एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की जीत का अंतर कितना रहता है? क्या उन्हें 70% वोट मिले हैं या कम? हालांकि क्रॉस वोटिंग काफी हुई है। एनडीए के दलों के अलावा बीजू जनता दल, वाईएसआर कांग्रेस, जेडीएस, शिवसेना, अकाली दल, बसपा, एआईएडीएमके, यूपी में शिवपाल यादव और ओपी राजभर के दलों ने घोषणा करके मूर्मू के पक्ष में वोट किया है। इसके साथ ही ये चर्चा भी हो रही है कि आदिवासी-दलित सांसद और विधायकों ने मूर्मू के पक्ष में मतदान किया है। 

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