लोकमतसत्याग्रह/दिल्ली।संसद में 27 जुलाई को हंगामा हो गया। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कह दिया। इसके बाद 28 जुलाई को इस बयान को लेकर बीजेपी की महिला सांसदों ने सदन में हंगामा किया। हाथों में सोनिया माफी मांगें का पोस्टर लेकर उन्होंने नारेबाजी की। स्मृति ईरानी ने कहा कि सोनिया गांधी को माफी मांगनी होगी। लोकसभा और राज्यसभा में हुए हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित की गई।
सोनिया और स्मृति की नोकझोंक
संसद की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच कहा-सुनी हो गई। सोनिया गांधी से सांसद रमा देवी ने जब अधीर रंजन के बयान के बारे में बात करने पहुंची तो सोनिया ने कहा- अधीर रंजन ने माफी मांग ली है। उन्होंने सवाल किया- इस मामले में मेरा नाम क्यों लिया गया? इस पर वहां मौजूद स्मृति ईरानी ने कहा- मैडम, मैं आपकी मदद कर सकती हूं तो सोनिया ने पलट कर कहा- Don’t talk to me (आप मुझसे बात ना करें)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि सोनिया ने बीजेपी की महिला सांसदों को धमकाया है।
अधीर रंजन की सफाई
अधीर रंजन ने 28 जुलाई को संसद के बाहर अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया, लेकिन ये भी बोले- गलती से मैंने मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कह दिया, अब आप मुझे फांसी पर चढ़ाना चाहते हैं तो चढ़ा दीजिए। सत्ताधारी दल तिल का ताड़ बनाने की कोशिश कर रहा है।स्मृति ने सदन में कहा- कांग्रेस गरीब और आदिवासियों की विरोधी है। अपनी गलती पर माफी मांगने की जगह कांग्रेस सीनाजोरी कर रही है। सोनिया गांधी को कांग्रेस की तरफ से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने हर भारतीय नागरिक का अपमान किया है।
किसी ने बताई ग्रामैटिकल मिस्टेक तो कोई बोला– राष्ट्रपति का लगातार उपहास हो रहा
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बीजेपी जानबूझकर तिल का ताड़ बनाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अधीर रंजन ने एक ग्रामैटिकल मिस्टेक हुई है। उन्होंने इंटेन्शनली (जानबूझकर) नहीं कहा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस नेता (अधीर रंजन) की जुबान नहीं फिसली, बल्कि उन्होंने ऐसा जानबूझकर कहा है। वहीं, मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू जब से राष्ट्रपति उम्मीदवार बनी हैं, तब से कांग्रेस उनका उपहास कर रही है। कांग्रेस की तरफ से उन्हें कठपुतली, अमंगल और अशुभ जैसे शब्दों से संबोधित किया गया।


