लोकमतसत्याग्रह/कोलकाता।पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी पर 2 अगस्त को एक महिला का गुस्सा फूट पड़ा। जांच कराने के लिए कोलकाता के ईएसआई अस्पताल लाए जाने पर वहां मौजूद एक महिला ने पार्थ पर चप्पल फेंकी। पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के बहुचर्चित एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया है। घटना उस वक्त हुई जब ईडी की एक टीम चटर्जी को जांच के लिए ईएसआई अस्पताल लेकर पहुंची। गुस्से में महिला चिल्ला रही थी कि ये नेता जनता का धन लूट रहे हैं।
सिर पर चप्पल पड़ती तो खुश होती: महिला
चटर्जी पर चप्पल फेंकनी वाली महिला ने न्यूज एजेंसी से कहा कि मैं उसे चप्पल मारने ही आई थी। उसने गरीबों का पैसा लूटा है। मुझे खुशी होती यदि चप्पल उसके सिर पर पड़ती। जानकारी के मुताबिक, घटना के वक्त ईएसआई अस्पताल में चेकअप के बाद चटर्जी को फिर ईडी ऑफिस ले जाया जा रहा था।
करोड़ों रुपए बरामद, पार्थ बोले– मेरे नहीं
ममता सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता के ठिकानों से करोड़ों रुपए और सोना जब्त किया गया, लेकिन उन्होंने यह अपना बताने से इनकार कर दिया है। 31 जुलाई को पार्थ चटर्जी ने दावा किया कि ईडी की छापेमारी के दौरान बरामद रुपए उनके नहीं हैं। समय बताएगा कि उनके खिलाफ कौन साजिश कर रहा है। हालांकि, इससे पहले अर्पिता ने कहा था कि ये पैसा पूर्व मंत्री का है। पार्थ घर को मिनी बैंक की तरह इस्तेमाल करते थे।
सीबीआई और ईडी कर रही घोटाले की जांच
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले की जांच कर रही है। ईडी इससे जुड़े पैसों के लेनदेन यानी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। आरोप है कि प्रत्याशियों से पैसा लेकर ग्रुप-सी और डी कर्मचारियों के साथ-साथ सरकारी प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती की गई। सीबीआई व ईडी अब तक इस घोटाले के आरोपियों से जुड़े 17 ठिकानों पर छापे मार चुकी है। इनमें 50 करोड़ से ज्यादा की नकदी और भारी मात्रा में सोना जब्त किया गया है।


