ग्वालियर:डॉक्टरों की निर्ममता के कारण गई मासूम जान,डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे

लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर/अंशुलमित्तल।ग्वालियर में पड़ाव क्षेत्र में स्थित कल्याण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के चार डॉक्टरों के खिलाफ, शुक्रवार के रोज पड़ाव थाने में धारा 420, 468, 471 और धारा 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया, डॉक्टरों के नाम डॉ खुशहाली कोटेचा, डॉ राघवेंद्र शर्मा, डॉ आदित्य तिवारी एवं डॉ अरुण तिवारी है!दरअसल डॉ.अशोक शर्मा के पुत्र सचिन शर्मा का इलाज दिनांक 24 अप्रैल 2021 को कल्याण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल पड़ाव में फेफड़े में इन्फेक्शन की शिकायत के साथ भर्ती किया गया था रोगी की आरटी पीसीआर अथवा रैपिड एंटीजन टेस्ट की जांच कराए बिना रोगी को कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया था जिससे रोगी को कोरोना संक्रमण हो गया और दिनांक 9:05 2021 को रोगी सचिन की मृत्यु हो गई  । रोगी के पिता ने उपचार में लापरवाही की शंका होने पर कल्याण हॉस्पिटल से रोगी की ट्रीटमेंट फाइल की प्रमाणित प्रति प्राप्त की थी उपचार सीट में लापरवाही किए जाने की बात पता चलने पर डॉ अशोक शर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ग्वालियर को शिकायत करते हुए अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने का निवेदन किया था, मृतक के पिता द्वारा पुलिस विभाग में भी शिकायत की गई जिसमें मौत के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और अपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर न्याय देने की मांग की गई थी, हमारे संवाददाता से बातचीत के दौरान मृतक के पिता डॉ अशोक शर्मा ने बताया कि “पूरे ही मामले की जांच में सीएमएचओ डॉ मनीष शर्मा की भूमिका संदिग्ध नजर आई, डॉ मनीष शर्मा आरोपियों को चेतावनी देकर बात को रफा-दफा करने की बात लगातार करते रहे, 1 साल की लगातार मेहनत और लड़ाई के चलते और पुलिस की मुस्तैदी के चलते दोषियों पर एफ आई आर दर्ज हो सकी !” आपको बता दें कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा जो कूट रचित दस्तावेज बनाए गए उनमें ऐसे डॉक्टरों के हस्ताक्षर किए गए जोकि ड्यूटी पर ही नहीं थे !

 सीएमएचओ साहब की चिरपरिचित कार्यप्रणाली

आपको बता दें कि डॉ मनीष शर्मा की दोषियों को बचाने की यह कार्य प्रणाली पुरानी रही है, ऐसा ही एक मामला पिछले वर्ष संज्ञान में आया था जब मंगल नर्सिंग होम के संचालक डॉ दीपक अग्रवाल द्वारा बच्चे को गलत ब्लड चढ़ाए जाने की शिकायत सीएमएचओ कार्यालय पहुंची थी, इस मामले में ग्रामीण फरियादी आज एक साल बीत जाने के बाद भी न्याय के लिए विभाग के चक्कर काट रहा है, फरियादी हरिओम शर्मा का कहना है “कि शिकायत की आवेदन दिए और सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगे हुए, पूरा 1 वर्ष बीत गया है, जानकारी चाहने पर सीएमएचओ कार्यालय से दुत्कार कर भगा दिया जाता है, जबकि जांच में यह सिद्ध हो चुका था कि मंगल नर्सिंग होम प्रबंधन  द्वारा बच्चे को अच्छा यूनिट गलत ब्लड ग्रुप का ब्लड चढ़ाया गया जिसके चलते बच्चे के इलाज में गरीब परिवार के लाखों रुपए खर्च हुए!” ऐसे मामलों को देखते हुए कहा जा सकता है कि ग्वालियर शहर में कोरोना काल के दौरान जो मौतें कोरोना से होना बताई गई, उनमें से कई मौतें तो ऐसे डॉक्टरों की लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग की शह के चलते हुई होंगी !

 इनका कहना है

स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर की जांच रिपोर्ट और पुलिस द्वारा की गई जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर, चारों डॉक्टरों के खिलाफ, मुकदमा दर्ज कर मामला विवेचना में लिया गया!

विवेक अष्ठाना, थाना प्रभारी थाना पड़ाव

 इनका कहना है

कल्याण हॉस्पिटल के डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मेरे बेटे सचिन शर्मा की मौत हुई, जांच के समय अस्पताल प्रबंधन द्वारा कूट रचित दस्तावेज बनाकर पेश किए गए, जिसमें सीएमएचओ डॉ मनीष शर्मा द्वारा लगातार दोषियों को बचाने का प्रयास किया जाता रहा !

डॉ अशोक शर्मा, मृतक के पिता

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