सिंधिया ने जेल में ध्वजारोहण कर बताया तिरंगे का महत्व

आज का दिन उनकी कठिनाइयों को याद करने का दिन है, जिन्होंने बलिदान किया उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने का दिन है।

लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर।आजादी के अमृत महोत्सव और हर घर तिरंगा अभियान के बीच देश आज “विभाजन की विभीषिका” दिवस मना रहा है। ग्वालियर पहुंचे केंद्रीय इस्पात एवं नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सेंट्रल जेल पहुंचकर सिंधिया ने ध्वजारोहण किया और तिरंगे का महत्व बताया। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि हमने बहुत कठिनाइयों और बलिदानों के बाद आजादी पाई और फिर विभाजन की विभीषिका को हमारे लोगों ने झेला। करीब एक करोड़ लोग अपने ही देश में विस्थापितों की तरह रहे। आज का दिन उनकी कठिनाइयों को याद करने का दिन है, जिन्होंने बलिदान किया उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने का दिन है। सिंधिया ने कहा कि ये तिरंगा हमारी आन, बान और शान है, ये बापू की तपस्या का उदाहरण है, भगत सिंह जैसे वीरों के बलिदान की निशानी है, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की कर्मठता, लगनशीलता का प्रतीक है, बाबा साहब अंबेडकर की राष्ट्र कल्याण की सोच वाली विचारधारा का प्रतीक है। लाखो स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और तपस्या का प्रतीक है। इस तिरंगे को हमें अपने दिल में, अपने मन में, अपनी आत्मा में जागरूक रखते हुए देश के लिए योगदान देने का आज संकल्प लेना है।

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