लोकमतसत्याग्रह/आगामी 30 अगस्त से 5 सितंबर तक रूस में संयुक्त सेना अभ्यास में भारत की सेना के साथ ही चीनी पी एल के सैनिक भी शामिल होंगे रूस की समाचार एजेंसी तास की खबर है कि यह सेना बस दोस्तों 2022 रूप से किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गत 2 वर्ष से अधिक समय में भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध चल रहा है लेकिन अब यह खबर कईयों को हैरान करने वाली है कि दोनों ही देश किसी तीसरे देश की धरती पर संयुक्त सैन्य अभ्यास में साथ भाग लेने वाले हैं चीन ने 17 अगस्त को वोस्तोक- 2022 सैन्य अभ्यास में शामिल होने की घोषणा कर दी है ।चीन के रक्षा मंत्रालय का बयान है कि चीनी और रूसी सेनाओं के बीच वार्षिक सहयोग योजना के तहत चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग लेने के लिए अपने कुछ सैनिक रूस भेजेगी।इसमें अन्य देशों में भारत तो है ही इसके अलावा बेलारूस ताजिकिस्तान मंगोलिया के भी शामिल होने का समाचार है। हालांकि रूस में होने जा रहे वोस्तोक 2022 सैन्य अभ्यास में भारत के सैनिकों के शामिल होने की बात पर भारतीय सेना अथवा रक्षा मंत्रालय की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। उधर चीन के रक्षा विभाग का कहना है कि पी एल के सैनिकों का मकसद होगा संयुक्त सैन्य अभ्यास में शामिल होने वाले देशों की सेनाओं के साथ व्यवहारिक तथा दोस्ताना सहयोग को गहरा करना तथा दूसरे देशों के सैनिकों के साथ रणनीतिक समन्वय को बढ़ाना। बता दें कि गत वर्ष भी भारत ने रूस में ‘ जेपेड – 2021 सैन्य अभ्यास में भाग लिया था। उस समय चीन और पाकिस्तान सहित 17 देशों ने भाग लिया था। समाचार एजेंसी तास के अनुसार वोस्तोक- 2022 सैन्य अभ्यास 30 अगस्त से 5 सितंबर तक रूस के पूर्व सैनिक जिले में आयोजित होगा। इसके कमांडर है रूस के सेना प्रमुख जनरल वालेरी गेरासिमोव।


