लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली पोस्टों के कारण बैल रहे विद्वेष और जनता में आक्रोश से निपटने के लिए अब सरकार प्रशासन के जरिये सोशल मीडिया पर ही कसावट में ही जुट गया है।ग्वालियर के कलेक्टर ने सोशल मीडिया पर धारा 144 सीआरपीसी लागू कर दी है। इसको लेकर उनके द्वारा बाकायदा एक आदेश जारी कर चेतावनी भी दी गयी है कि आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले पर इस धारा के तहत कार्यवाही होगी।
क्या लिखा है आदेश में
इस आदेश में कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा है कि ऐसा देखने में आया है कि ग्वालियर जिले में फेसबुक ,वाट्सएप्प ,ट्विटर ,आदि के माध्यम से सामाजिक ,धार्मिक,जातीय,या कतिपय अन्य मामलों में भड़काऊ पोस्ट लिखी या फॉरवर्ड की जा रही है। उक्त गतिविधयों के चलते भ्रामक जानकारी,और भड़काऊ पोस्ट अनावश्यक विवाद ,आंदोलन,चक्काजाम,आगजनी,सहित आमजन के जान माल के नुक्सान की घटनायें प्रकाश में आतीं हैं ,जिसके कारण कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए सीआरपीसी की धारा 144 के तहत फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप इत्यादि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जाति, धर्म सम्प्रदाय व सामाजिक भावनाएँ भड़काने वाली पोस्ट अपलोड या शेयर करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
लोधी के वायरल वीडियो से मचा बवाल
बीजेपी नेता प्रीतम लोधी द्वारा शिवपुरी जिले में आयोजित अबन्ती बाई लोधी के बलिदान समारोह में दिए गए भाषण में ब्राह्मण और कथा वाचकों के खिलाफ की गयीं कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया और विवाद इतना बढ़ा कि बीजेपी को प्रीतम लोधी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करना पड़ा था। इसके बाद बाघेश्वर धाम के कथा वाचक धीरेन्द्र शास्त्री का एक बयान वायरल हुआ जिसमें वे लोधी को मसलने की बात कह रहे थे इसके खिलाफ भीम आर्मी ने एसपी दफतर प्र प्रदस्र्हन किया था। इसके बाद एक युवक ने भगवान् श्री कृष्ण की गोपियों के साथ एक फोटो के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी वाली पोस्ट डाली तो पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया की नाराजी के बाद इस मामले में क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज की गयी। इस मामले पर यादव समाज ने भी कल थाने का घेराव किया था


