लोकमतसत्याग्रह/ मध्य प्रदेश में बारिश के कहर के बीच प्रशासन ने नदियों के बढ़ते जलस्तर से निपटने और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार अतिवर्षा और प्रदेश की नदियों का जलस्तर बढ़ने, बांधों के भर जाने के कारण बाढ़ की स्थिति से निपटने की व्यापक तैयारियां की गईं हैं। इसबीच मंगलवार को भोपाल समेत कई जिलों में जहां स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है, वहीं 39 जिलों के लिए भारी बारिश का ‘अलर्ट’ जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को सीएम आवास पर बड़ी बैठक बुलाई। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, मुख्य सचिव समेत 6 विभागों के आला अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ और जलभराव से प्रभावित हुई सेवाओं को ठीक करने के निर्देश दिए है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से मौजूदा नदियों के जलस्तर और बांधों की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने जलभराव से पेयजल सप्लाई को ठीक करने, बिजली आपूर्ति को बहाल करने, टूटे बिजली खंभो, पुल-पुलिया और सड़कों को ठीक करने के काम में जुटने को कहा। साथ ही अधिकारियों से फसलों और मवेशियों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही मुख्यमंत्री ने पानी उतरने के साथ ही बीमारी फैलने से रोकने के लिए साफ-सफाई और दवा का छिड़काव करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को गांव गांव दवा के साथ टीम भेजने के लिए कहा। सीएम ने कहा कि हम इस संकट से निकल कर जाएंगे।
सीएम ने विभागों के अधिकारियों से कहा कि यह चुनौतियां है। हम आज ही टीम बनाकर निकलें। जहां भी अतिरिक्त अमले की जरूरत है, विभाग समीक्षा कर टीमें बनाकर भेजें। मशीन, मैन पॉवर जो भी लगाना है, उसे लगाए। प्रभावित क्षेत्रों में दवा और भोजन वितरण सुनिश्चित करें। हम नुकसान का आकलन कर हर संभव मदद करेंगे। मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर रेस्क्यू और राहत कार्यों में विगत 48 घंटो से लगातार जुटे होम गार्ड के जवानों को धन्यवाद दिया।
सीएम ने पीएम मोदी को बताए बारिश के हाल
मप्र में भारी बारिश के बाद लगातार राहत और बचाव अभियान चल रहा है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर चर्चा कर मप्र की स्थिति के बारे में बताया। सीएम ने प्रधानमंत्री को मध्यप्रदेश में अतिवृष्टि के कारण पैदा हुई बाढ़ और जल भराव की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बेतवा नदी में आई बाढ़ से प्रभावित हुए विदिशा जिले के क्षेत्रों के बारे में बताया। सीएम ने रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कैंपों के बारे में पीएम को जानकारी दी । मुख्यमंत्री ने आर्मी, एनडीआरएफ की तुरंत मदद पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी दिया। सीएम ने अतिवृष्टि से प्रभावित जिलों रायसेन, गुना, राजगढ़, सागर ,भोपाल सहित अन्य जगहों के हालातों के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बताया। इसके बाद सीएम ने मंत्री तुलसी सिलावट की मौजूदगी में कृषि, स्वास्थ्य, गृह, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन विभाग के अफसरों के साथ हाई लेवल मीटिंग की। इसके बाद सीएम विदिशा के कुरवाई शहर और भिंड, मुरैना चंबल इलाके का हवाई सर्वे करने निकल पडे़।
कमलनाथ बोले– बाढ़ प्रभावितों को जल्दी मिले मुआवजा
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने सीएम से प्रभावित लोगों को तुरंत मदद पहुंचाने की मांगी की है। कमलनाथ ने ट्वीट किया कि मध्यप्रदेश के कई जिलों में हुई अतिवृष्टि से लाखों लोग प्रभावित हुए है। किसानो की फसल बर्बाद हो गयी है। लोग बेघर होकर राहत शिविरों में रह रहे है। बड़ी संख्या में लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो गये है व गृहस्थी एवं खाने-पीने का सामान बह गया है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि भीषण संकट व मुश्किल के इस समय में सरकार तत्काल राहत कार्य प्रारंभ करवाए। प्रभावितों की हर संभव मदद की जाए।
कमलनाथ ने कहा कि सर्वे का काम जल्द से जल्द कर पीड़ितों को मुआवजा प्रदान किया जाए, जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए है, उन्हें तत्काल राहत राशि प्रदान की जावे, उनके राशन का प्रबंध किया जावे, उनकी जल्द से जल्द घर वापसी सुनिश्चित हो।


