लोकमतसत्याग्रह/भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपने अंतिम दिन आज जस्टिस एनवी रमण पांच हाई-प्रोफाइल मामलों में फैसला सुनाएंगे। चीफ जस्टिस की विदाई की सबसे खास बात यह होगी कि सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार सेरेमोनियल बेंच की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा। गुरुवार की देर रात, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने अदालत की वाद सूची को अपडेट किया। रात करीब साढ़े 11 बजे जारी की गई सूची में प्रधान न्यायाधीश द्वारा सुनाए जाने वाले पांच बड़े फैसले शामिल हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ शुक्रवार की सुबह जिन पांच मामलों में फैसला सुनाएगी उसकी सूची इस प्रकार है…
- चुनावी मुफ्त योजना
- 2007 गोरखपुर दंगों पर याचिका
- कर्नाटक खनन मामला
- राजस्थान माइनिंग लीज इश्यू
- दिवालियापन कानून के तहत परिसमापन कार्यवाही पर विनियम
- चीफ जस्टिस ने गुरुवार को इन मामलों पर की थी सुनवाई
आखिरी दो दिन में इन मामलों की सुनवाई
- कर्नाटक कोल माइनिंग- कर्नाटक के बेल्लारी, चित्रदुर्ग और तुमकुरु जिलों में खनन फर्मों के लिए आयरन ओर की माइनिंग लिमिट बढ़ाई।
- मुफ्त चुनावी घोषणाएं- फ्रीबीज मामले को 3 जजों की बेंच को रेफर किया।
- गोरखपुर दंगा केस- 2007 के हेट स्पीच केस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।
- दिवालिया कानून- सीमा शुल्क अधिनियम पर दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC) लागू होगी। सीमा शुल्क प्राधिकरण केवल शुल्क और लेवी की मात्रा निर्धारित कर सकता है लेकिन वसूली की कार्यवाही शुरू नहीं कर सकता है।
- पेगासस- कमेटी को 5 फोन में मालवेयर मिला, लेकिन वह पेगासस था, ये स्पष्ट नहीं। कमेटी ने कहा सरकार ने मदद नहीं की। अगली सुनवाई सितंबर के आखिरी हफ्ते में होगी।
- बिलकिस बानो- गुजरात सरकार को नोटिस दिया है, 11 दोषियों को पार्टी बनाने के लिए कहा है। अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद सितंबर में होगी।
- पीएमएलए- रिव्यू पिटीशन पर केंद्र सरकार को नोटिस दिया है। साथ ही कहा यह कानून बहुत अहम है, और सिर्फ 2 पहलू दोबारा विचार लायक हैं। एक ECIR (ED की तरफ से दर्ज FIR) की रिपोर्ट आरोपी को न देने का प्रावधान और दूसरा खुद को निर्दोष साबित करने का जिम्मा आरोपी पर होने का प्रावधान।
- PM मोदी सिक्योरिटी ब्रीच- PM मोदी की सिक्योरिटी ब्रीच केस की जांच के बनी कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि फिरोजपुर में SSP कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी निभाने में फेल रहे।
अपने कार्यकाल के दौरान 224 न्यायाधीशों को सफलतापूर्वक नियुक्त किया
चीफ जस्टिस रमण के कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कई उच्च न्यायालयों में लगभग 224 न्यायाधीशों को सफलतापूर्वक नियुक्त किया और दिल्ली उच्च न्यायालय से संबंधित लगभग सभी नामों को मंजूरी दे दी। जस्टिस रमण ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान न्यायाधीशों की नियुक्ति और बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दों को उठाया और आशा व्यक्त की कि वह कानूनी बिरादरी की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।
चीफ जस्टिस रमण का अब तक का सफर
चीफ जस्टिस रमण एक साल चार महीने का कार्यकाल पूरा कर 26 अगस्त को देश के मुख्य न्यायाधीश के पद से रिटायर हो जाएंगे। उनकी जगह जस्टिस यूयू ललित देश के नए मुख्य न्यायाधीश का पद संभालेंगे। एनवी रमण का जन्म 27 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के पोन्नावरम गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। 10 फरवरी 1983 को उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस शुरू की। उनको 27 जून 2000 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश बनाया गया था और फिर वे दो सितम्बर 2013 को दिल्ली उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बने और 17 फरवरी 2014 को वह सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। फिर न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे के सेवानिवृत्त होने पर 23 अप्रैल 2021 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।
यूयू ललित होंगे अगले CJI
CJI रमना के रिटायरमेंट के बाद जस्टिस यूयू ललित देश के 49वें CJI होंगे। जस्टिस ललित 27 अगस्त को CJI के रूप में शपथ लेंगे। सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस ललित महज 74 दिनों के लिए ही CJI बनेंगे, क्योंकि 8 नवंबर को वे रिटायर हो जाएंगे। जस्टिस ललित ‘तीन तलाक’ की प्रथा को अवैध ठहराने समेत कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं।


