लंपी वायरस का बाड़मेर में कहर,13 हजार गायों की मौत हो चुकी…और गहलोत के मंत्री कह रहे- फिलहाल ऑल इज वेल

लोकमतसत्याग्रह/भारत-पाकिस्‍तान सीमा पर बसे सरहदी बाड़मेर जिले में पड़ोसी मुल्क आई आफत तबाही मचा रही है. दरअसल पाकिस्तान से आए लंपी वायरस की वजह से बाड़मेर जिले में रोजाना सैकड़ों गोवंश दम तोड़ रहे हैं. फिलहाल पशुपालन विभाग के पास मृतक गोवंश का वह आंकड़ा है, जो मौके पर पहुंचकर गोवंश का इलाज के दौरान तैयार किया. जबकि लंपी वायरस की चपेट में गोवंश के आने से जिले में 50 फीसदी दुग्ध उत्पादन भी घट गया है.

बहरहाल, इस साल ढाका और अफगानिस्तान होते हुए पाकिस्तान के रास्ते भारत में आई लंपी स्किन बीमारी से गोवंश मौत के मुंह में समा रहे हैं. लंपी वायरस के कहर से गोवंश की मौतें इतनी दर्दनाक तरीके से हो रही हैं कि देखते ही आंखों में भी आंसू आ जाए. इस बीच एक तरफ बाड़मेर प्रशासन मृत गायों को दफनाने के दावे कर रहा है, तो वायरल तस्‍वीरें कुछ और कह रही हैं. बाड़मेर शहर के अरिहंत नगर और रोहिली गांव में खुले में मृत गोवंश को फेंकने से मक्खियों की भरमार हो गई है. जबकि गोवंश की मौत का सिलसिला नहीं थमने से दुग्ध उत्पादन में भी भारी गिरावट आई है. सेड़वा निवासी पशुपालक रघुनाथ राम बताते हैं कि सेड़वा उपखण्ड क्षेत्र में एक घर में 5-5 गाय थीं, लेकिन लंपी वायरस की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई. ऐसे में अब दूध उत्पादन में कमी आई है, तो किसानों का आजीविका का साधन भी छिन गया है.

पशुपालन विभाग ने कही ये बात
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ विनय मोहन ने बताया कि साल 2019 में ढाका, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में लंपी वायरस के काफी केस सामने आए थे. इसके बाद पाकिस्तान से इस बीमारी ने भारत में प्रवेश किया. इस वजह से राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में लंपी वायरस का प्रभाव ज्यादा नजर आ रहा है.

दुग् उत्पादन 50 फीसदी घटा

बता दें कि बाड़मेर जिले में लगातार गोवंश की मौत के बाद दुग्ध उत्पादन आधा हो गया है. वहीं, जिला दुग्ध सहकारी उत्पादक संघ के प्रबंध संचालक ओपी सुखाड़िया के मुताबिक, लंपी स्किन बीमारी के बाद जिले का दुग्ध उत्पादन काफी प्रभावित हुआ है. पहले 15 हजार लीटर दूध आता था, जोकि अब महज 8 हजार लीटर रह गया है. ऐसे में दूध, घी, पनीर और छाछ के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है.

क्या बोले जिम्मेदार
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ओमप्रकाश किलानिया ने बताया कि जिले में 6 लाख गोवंश है। जिनमें से 71 हजार 633 संक्रमित हुए हैं। 67 हजार 410 का इलाज भी किया जा रहा है, जिनमें से 38 हजार 88 रिकवर भी हुए हैं। मौत का आंकड़ा जिले में 3 हजार 64 का है। भाम्भूवाली ढाणी में आंकड़ा कम बताया गया है तो जांच करवाएंगे और खुद गांव में जाकर देखूंगा की आंकड़े क्यों कम गिने गए हैं।

श्री कृष्ण गौसेवा समिति अध्यक्ष सोहन लाल सुथार ने कहा कि गौशाला में 584 गोवंश है, जिनमें से लम्पी वायरस से अब तक 16 पशुओं की मौत हुई है। 9 का इलाज चल रहा है। वहीं वेटरनरी डॉक्टर अजय कुमार ने कहा कि मेरी जॉइनिंग 2 सितंबर को हुई थी। मेरे आने के बाद एक ही मौत है। 9 गौवंश संक्रमित है। 37 गौवंश अब तक रिकवर हो चुके हैं। गांव में 50-70 पशु संक्रमित हैं, लेकिन वो भी अब ठीक है। नया कोई मामला नहीं है।

इधर सरकार बोली, ‘फिलहाल ऑल इज़ वेल

पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा, प्रदेश में अभी तक 6 लाख 87 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पश्चिमी राजस्थान में संक्रमण एवं मृत्यु दर में लगातार गिरावट आ रही है। जैसलमेर जिले में पिछले एक सप्ताह से लंपी रोग से किसी जानवर के मरने की रिपोर्ट नहीं मिली है।

राज्य सरकार दावा कर रही है, लंपी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गोवंशीय पशुओं में टीकाकरण युद्ध गति से किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने आंकड़े भी जारी किए हैं। बताया गया है कि अब तक 27 जिलों में 6 लाख 87 हजार 375 पशुओं में टीकाकरण किया गया है।

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