लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसी शातिर गैंग को दबोचा है जो कैमिकल के जरिए रुपये दोगुना करने के नाम पर लोगों को ठगती थी. इस पांच सदस्यों वाली ठग गैंग ने देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी की है. आरोपियों ने अकेले ग्वालियर शहर में ही कई लोगों से 11 लाख रुपये ठगे हैं. गैंग के निशाने पर ऐसे लोग होते थे जो रुपये दोगुना करने के झांसे में आसानी से आ जाते थे. क्राइम ब्रांच ने ठगों के पास से क्रेटा कार, कैमिकल और मशीन बरामद की है. पुलिस इनके नेटवर्क में शामिल दूसरे लोगों और ठगी की अन्य वारदातों के खुलासे के लिए पूछताछ कर रही है.
जानकारी के मुताबिक, गुड़ा इलाके में रहने वाले पुष्पेन्द्र राजपूत ने थाना मुरार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसमें उसने बताया कि 8 सितंबर सितंबर की सुबह एमएच चौराहे पर उसका दोस्त आकाश बघेल मिला. उस वक्त उसके साथ दो अन्य लोग भी थे. आकाश ने दोनों के नाम जितेंद्र उर्फ कल्लू और अभिषेक मवाई बताए. दोनों क्रेटा कार में सवार थे. आकाश ने पुष्पेंद्र को बताया कि ये दोनों लोग मशीन के जरिये रुपये दोगुना कर देते हैं. लेकिन, मशीन पांच लाख रुपए से कम रकम को दोगुना नहीं करती है. आकाश ने पुष्पेंद्र को बताया कि उसके पास तीन लाख रुपये हैं, तुम केवल दो लाख रुपये मिला दोगे तो दोगुना होकर 10 लाख रुपये हो जाएंगे.
ठग ऐसे जाल में फंसाते थे शिकार
ASP क्राइम ब्रांच राजेश दंडौतिया ने बताया कि चौरसिया कॉलोनी गुढा निवासी पुष्पेन्द्र राजपूत पुत्र प्रताप सिंह राजपूत कांग्रेस नेता हैं। उन्होंने शिकायत की थी कि उनके साथ पांच युवकों ने रुपए डबल करने के नाम पर ठगी की है। उसने पुलिस को बताया था कि वह 8 सितंबर मुरार आया था। जब वह MH चौराहा पहुंचा तो उसे गुढ़ा पर रहने वाला आकाश बघेल दो अन्य साथियों के साथ मिला। आकाश ने दोस्तों का परिचय जितेन्द्र उर्फ कल्लू व अभिषेक मावई के रूप में कराया। वह एक क्रेटा कार में सवार थे। आकाश ने कांग्रेस नेता को बताया कि एक व्यक्ति है नोटों (रुपयों) काे केमिकल और टेक्नीक से डबल कर देता है। यह कार भी हमने रुपए डबल कराकर खरीदी है। पर पांच लाख रुपए से कम रुपए वह डबल नहीं करता है। हम दोनों पर डेढ़-डेढ लाख रुपए तो हैं, लेकिन 2 लाख रुपए कम पड़ रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता को विश्वास दिला दिया कि ऐसा सच में होता है। इसके बाद पुष्पेन्द्र घर गया और 2 लाख रुपए ले आया। फिर तीनों के साथ वह लग्जरी में सवार होकर नारकोटिक्स ऑफिस के पास किसी खंडहर में पहुंचे। यहां पहले से दो व्यक्ति बैठे हुए थे। एक का नाम लल्लू और दूसरे का धर्मवीर था।
इस तरह हड़प जाते थे रुपए
– जब पुष्पेन्द्र खंडहर में पहुंचा तो वहां लल्लू नाम के युवक ने बैग से दो कांच की प्लेट निकाली। एक प्लेट पर नोट के साइज का कागज रखकर दूसरी प्लेट से उसे ढक दिया। उनके लिए पांच लाख रुपए उन्होंने एक काले कपड़े में लपेटकर उसके ऊपर धागा लपेट दिया। फिर आग जलाई और कपड़े में लिपटी नोटों की गड्डी को आग के ऊपर घुमाने लगे। उनका कहना था कि इसमें केमिकल लगा दिया है। आग के ऊपर काफी देर तक सेंकना पड़ेगा। इसके बाद कांग्रेस नेता से कहा कि काफी देर तक आग जलानी पड़ेगी और लकड़ियां लेकर आओ। वह लकड़ियां बीन रहा था कि तभी उनकी चिल्लाने की आवाज आई कि आग लग गई। वह पहुंचा तो बंडल मंे आग लगी थी। कांग्रेस नेता ने दौड़कर आग बंडल में लात मारी तो कांच की प्लेट टूट गई। इसके बाद वहां मौजूद सभी नाराज हुए और कहा कि प्लेट टूट गई अब रुपए डबल नहीं हो सकते। आकाश से कांग्रेस नेता ने अपने रुपए मांगे तो उसने प्लेट आने के बाद देने को कहा। जब वह लकड़ी बीनने गया था तो ठगों ने बंडल बदल दिया था। नकली नोटों का बंडल आग मंे डाल दिया।
इस तरह पता चला ठगी का
इस बीच ज्यादा आग लगने से पुष्पेंद्र ने अपने पैर से आग बुझाने का प्रयास किया गया, जिससे कपड़े में बंधी हुई कांच की प्लेटें टूट गईं. इस पर से वहां मौजूद इन लोगों ने कहा कि कांच की प्लेटें टूट जाने से अब पैसे डबल नहीं हो पाएंगे और जब नई प्लेट आएगी तभी तुम्हारे पैसे डबल हो पाएंगे. इस पर पुष्पेंद्र ने अपने 2 लाख रुपये वापस मांगे तो आकाश ने कहा कि मैं रुपए दोगुना करके दूंगा. इसके बाद पुष्पेंद्र अपने एक अन्य दोस्त के घर पहुंचा और सारा घटनाक्रम बताया. ये सुनकर पुष्पेंद्र के दोस्त ने कहा कि ऐसी ही घटना मेरे साथ और मेरी पहचान के लोगों के साथ भी हो चुकी है. ये सुनकर पुष्पेंद्र को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ तो वो सीधे मुरार थाना पहुंच गया. उसकी शिकायत पर मुरार पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया.
शिकार की तलाश में निकली गैंग पुलिस गिरफ्त में फंसी
मामले की जांच चल ही रही थी कि 11 अगस्त को ग्वालियर पुलिस अधीक्षक अमित सांघी को मुखबिर से खबर मिली कि जडेरुआ बांध तिराहे के पास एक सफेद रंग की बिना नम्बर की क्रेटा कार में 5 लोग बैठे हुए हैं जो रुपये दोगुना करने का झांसा दे रहे हैं. एसएसपी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम ने जडेरुआ बांध तिराहे के पास दबिश दी तो एक सफेद रंग की बिना नम्बर की क्रेटा कार खड़ी दिखी, जिसकी घेराबंदी की गई तो उसमें पांच लोग बैठे मिले. पांचों की तलाशी लेने पर एक संदिग्ध के पास से नीले और काले रंग का बैग मिला. उसमें कैमिकल से भरी एक प्लास्टिक की बोटल रखी हुई थी. साथ ही उसमें काले रंग के दो कपड़े, दो कांच की प्लेटें व काले रंग का पदार्थ भी मिला. संदिग्धों से बिना नम्बर की कार के संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह मुरैना में रहने वाले दोस्त की है. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
शातिराना अंदाज में करते थे ठगी
यह गैंग वारदात को अंजाम देने के लिये शहर में किसी सुनसान मैदान या जगह की तलाश करते थे. यहां पहुंचकर गिरोह के सदस्य लोगों से रुपये लेकर नोटों के साइज में कटे हुए कागजों की गड्डी में एक नोट ऊपर और एक नोट नीचे लगाते. इन नोटों को कांच की प्लेटों से बांध देते थे. इसके बाद कैमिकल लगाकर उन गड्डियों को काले कपड़े में बांधकर आग में सेंकना शुरू कर देते थे. उसके बाद वे किसी तरह से कांच की प्लेटों के टूटने का बहाना कर दोबारा प्लेट लाकर पैसे डबल करने का वादा करते और फरार हो जाते. इस पूरी प्रकिया के बीच वे असली नोट गायब कर देते थे. पुलिस का कहना है कि गिरफ्त में आए ठगों से कई राज्यों में की गई करोड़ों की ठगी का खुलासा होने की संभावना है.


