लोकमतसत्याग्रह/हेट स्पीच मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सबसे ज्यादा हेट स्पीच मीडिया और सोशल मीडिया पर होती है. कोर्ट ने कहा है कि हमारा देश किधर जा रहा है? टीवी एंकरों की बड़ी जिम्मेदारी है लेकिन टीवी एंकर गेस्ट को टाइम तक नहीं देते हैं. ऐसे माहौल में सरकार चुप क्यों है? कोर्ट ने कहा कि एक सख्त नियामक तंत्र स्थापित करने की जरूरत है और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. अब 23 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार पर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने कहा कि जब धर्म संसद होने जा रही थी तो आपने क्या कार्रवाई की? क्या आपने इसे रोका? इस पर उतराखंड सरकार ने कहा कि हमने धारा 144 लगाई और 4 लोगों को गिरफ्तार किया. वहीं राज्य सरकार कार्रवाई कर रही है.
जस्टिस जोसेफ ने कहा ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई भी धर्म हिंसा का प्रचार करता है. कोर्ट ने कहा कि इन मामलों में सजा ऐसी होनी चाहिए कि वह एक मॉडल बन जाए. कोशिश करनी चाहिए कि विशाखा गाइडलाइन की तरह सीमाओं के भीतर हम जो कर सकते हैं वह करें. कोर्ट ने कहा कि असली समस्या संस्थाएं हैं. धर्म क्या है यह मत देखिए?


