मध्य प्रदेश के 11.19 लाख डिफॉल्टर किसानों का 2123 करोड़ रुपये का ब्याज सरकार भरेगी

लोकमतसत्याग्रह/राज्य सरकार प्रदेश के 11 लाख 19 हजार किसानों का 2 लाख रुपए तक के कर्ज का बकाया 2123 करोड़ रुपए का ब्याज माफ करेगी। इस संबंध में मंगलवार को कैबिनेट ने ब्याज माफी योजना को मंजूरी दे दी। ब्याज की बकाया माफी के लिए पात्र किसान 31 मार्च 2023 तक के होंगे, लेकिन वे योजना का लाभ लेने के लिए 30 नवंबर 2023 तक आवेदन जमा कर सकेंगे।

दो लाख रुपए तक के कर्जदार जिन डिफाॅल्टर किसानों का बकाया ब्याज माफ होना है, वे जिला सहकारी बैंकों से संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के ब्याज समेत 5479 करोड़ रुपए के कर्जदार हैं। सरकार द्वारा इन किसानों के इस कर्ज का ब्याज बैकों में भर दिया जाएगा तो ये डिफाॅल्टर श्रेणी से बाहर हो जाएंगे। सहकारी समितियों से खाद, बीज ले सकेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि जो किसान ऋण माफी के चक्कर में डिफाॅल्टर हो गए हैं उनके ब्याज की राशि सरकार द्वारा भरी जाएगी। इसी के अनुरूप सीएम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ब्याज माफी योजना को मंजूरी दी गई।

इसमें खास यह भी है कि 11 लाख 19 हजार डिफाॅल्टर किसानों में से 4 लाख 40 हजार किसान वे हैं जिन्होंने कर्जमाफी के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2019 में आवेदन तो किया था लेकिन जिनके कर्ज माफ नहीं हुए थे और वे डिफाॅल्टर हो गए थे। बकाया ब्याज माफी योजना के अनुसार किसान पर अल्प अवधि का फसल ऋण एवं मध्यम परिवर्तित ऋण को ब्याज सहित मिलाकर 2 लाख रुपए तक का कर्ज 31 मार्च 2023 तक बकाया होना चाहिए। डिफाॅल्टर किसानों की सूची 12 मई को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में उनके ऊपर बकाया कर्ज एवं ब्याज की जानकारी को बैंक स्तर पर एक पोर्टल पर सार्वजनिक किया जाएगा। 13 से 15 मई तक किसानों से आवेदन मंगाए जाएंगे। 16,17 और 18 मई को उनका निराकरण कर ब्याज माफी की राशि बैकों में जमा कराए जान की प्रक्रिया शुरू होगी।

समर्थन मूल्य पर 20 मई तक हो सकेगी गेहूं की खरीदी

मप्र में असामयिक हुई बरसात की वजह से समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से बचे किसान अब 20 मई तक गेहूं बेच सकेंगे। रबी सीजन में वर्ष 2023-24 के दौरान भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर एवं उज्जैन संभाग में गेहूं खरीदी की तारीख 12 मई बाकी संभागों में 15 मई तक तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 20 मई कर दिया गया है।

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