शिवराज का एलान-स्ट्रीट वेंडर्स से रोज शुल्क वसूली तत्काल बंद होगी, कोई हाथ ठेला जब्त नहीं होगा

लोकमतसत्याग्रह/चुनावी साल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को हाथ ठेला चालक, फेरी एवं रेहड़ी वालों को लेकर बड़ा एलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी नगर में स्ट्रीट वेंडर्स से रोज शुल्क वसूली नहीं होगी। यह तत्काल बंद की जाएगी। कोई भी हाथ ठेला जब्त नहीं होगा। हाथ ठेला खरीदने के लिए सरकार 5 हजार रुपये सब्सिडी देगी। .

सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर नगरीय क्षेत्र के हाथ ठेला चालक, फेरी एवं रेहड़ी वालों की महापंचायत का आयोजन किया गया। इसको संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स के रजिस्ट्रेशन के लिए नाममात्र का शुल्क लिया जाएगा। आपकी जिंदगी को आसान बनाने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। हाथठेला लगाने के लिए व्यवस्थित और उपयुक्त स्थान तैयार किए जाएंगे। गरीबों की जिंदगी में खुशियां लाने का प्रयास हमेशा जारी रहेगा। हाथ ठेला रोजी-रोटी का साधन है। आज मैं तत्काल प्रभाव से निर्देश दे रहा हूं कि कोई भी हाथ ठेला जब्त नहीं होगा। इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नियम बना दिए जाएं। जिनके पास हाथ ठेला नहीं है उनको सब्सिडी पर हाथ ठेला देने की योजना बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार 5 हजार रुपये सब्सिडी देगी। गरीबों की तकलीफों को दूर करना शिवराज का धर्म है। 



मुख्यमंत्री ने कन्या-पूजन और दीप प्रज्ज्वलित कर महापंचायत का शुभारंभ किया। उन्होंने पुष्प-वर्षा कर स्ट्रीट वेंडर्स का स्वागत किया। स्ट्रीट वेंडर्स की ओर से मुख्यमंत्री को तुलसी का पौधा भेंट किया गया। लाड़ली बहना योजना की पात्र बहनों ने धन्यवाद-पत्र भेंट किया। मुख्यमंत्री ने पीएम स्व-निधि योजना में प्रतीकस्वरूप हितग्राहियों को लाभान्वित किया। प्रदेश में योजना से कुल 51 हजार हितग्राही लाभान्वित किए गए हैं।

शहरों में हॉकर्स जोन बनाएं 
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि हाथठेला-चालक और पथ-विक्रेताओं के लिये शहरों में हॉकर्स जोन बनाए जाना चाहिये। उन्हें शासन की सभी जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में लगातार पथ-विक्रेताओं की चिंता की। 


पीएम स्वनिधि योजना में प्रदेश नंबर-1
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम स्व-निधि योजना लागू कर कोरोना काल में पथ-विक्रेताओं को बहुत बड़ी राहत दी। इस योजना में मध्य प्रदेश देश में नंबर-1 है। योजना में 9 लाख 50 हजार रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इनमें से 7 लाख एक हजार पथ-विक्रेताओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। आज पूरे प्रदेश में 51 हजार पथ-विक्रेताओं को ऋण स्वीकृति-पत्र वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार स्टॉम्प शुल्क 2500 के स्थान पर मात्र 50 रुपये लिया जा रहा है।

50 हजार रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण
आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव ने योजना के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हितग्राहियों को 10 हजार, 20 हजार और 50 हजार रुपये का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है। पथ-विक्रेताओं से उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली जा रही है।

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