लोकमतसत्याग्रह/भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ धरना देने वाले पहलवान मंगलवार शाम 6 बजे हरिद्वार में अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करेंगे। ये पहलवान रेसलिंग फेडरेशन (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी के लिए जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। रविवार को पुलिस से हुई झड़प के बाद ये जंतर-मंतर से लौट आए हैं।
रेसलर साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मेडल्स गंगा में प्रवाहित करने के बाद इंडिया गेट पर आमरण अनशन करेंगे। साक्षी ने लिखा- हमने पवित्रता से इन मेडल को हासिल किया था। इन मेडल को पहनाकर तेज सफेदी वाला तंत्र सिर्फ अपना प्रचार करता है। फिर हमारा शोषण करता है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को नहीं लौटाएंगे, क्योंकि उन्होंने हमारी कोई सुध नहीं ली।
इस बीच, बृजभूषण शरण सिंह ने 5 जून को अयोध्या में महारैली बुलाई है। इसमें संत भाग लेंगे। बृजभूषण और संतों का कहना है कि पॉक्सो एक्ट का फायदा उठाकर इसका दुरूपयोग किया जा रहा है।
जंतर–मंतर पर धरना नहीं देने देगी दिल्ली पुलिस, 109 पर FIR
दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमने 38 दिन से धरना दे रहे पहलवानों को हर मुमकिन सुविधा दी थी, लेकिन रविवार को इन लोगों ने कानून तोड़ा। अगर पहलवानों ने अगली बार धरने की इजाजत मांगी तो हम उन्हें जंतर-मंतर नहीं, दूसरी जगह पर भेजेंगे।
रविवार को नई संसद के सामने महिला महापंचायत बुलाई गई थी। रेसलर्स ने वहां जाने के लिए मार्च निकाला और बैरिकेड्स भी तोड़े। इस दौरान पुलिस के साथ झड़प भी हुई। इसके बाद विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया समेत कई पहलवानों को हिरासत में लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें रिहा भी कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने पहलवानों समेत 109 लोगों पर FIR दर्ज की है। इन पर दंगा फैलाने, सरकारी काम में बाधा डालने जैसे आरोप हैं। इन धाराओं में 7 साल तक कारावास का प्रावधान है।
जींद में खापों व किसानों ने पंचायत कर ऐलान किया कि दिल्ली में दूध, सब्जी, फल और अन्य सामान की सप्लाई को बंद करेंगे। किसान आंदोलन की तरह दिल्ली को चारों तरफ से घेर लिया जाएगा।


