प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एमबीबीएस के साथ अब विशेषज्ञ डॉक्टर भी करेंगे इलाज; माह में 3 दिन सुबह 10 से 2 बजे तक बैठेंगे विशेषज्ञ

लोकमतसत्याग्रह/ शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है, अब शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (यूपीएचसी) में मरीजों को अब एमबीबीएस डॉक्टर के साथ विशेषज्ञ से इलाज कराने की सुविधा भी मिल सकेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बजट भी स्वीकृत कर दिया है। इस योजना के तहत सीएमएचओ प्राइवेट के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, पीडियाट्रिक और मेडिसिन विशेषज्ञों से मानदेय के आधार पर अस्पतालों में सेवाएं लेंगे। इस योजना में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक माह में एक विशेषज्ञ तीन बार ही सेवाएं दे सकेगा। सहायक कार्यक्रम प्रबंधक (शहरी स्वास्थ्य) राहुल प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि विशेषज्ञ को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सेवाएं देना होंगी। इसके लिए उन्हें प्रति विजिट ढाई हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा।

संजीवनी क्लीनिक में एक माह में 14-14 दिन सेवाएं देंगे विशेषज्ञ
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक में भी पीडियाट्रिक, गायनिक और मेडिसिन की सुविधा देने के लिए भी प्राइवेट विशेषज्ञों को मानदेय पर रखने की तैयारी कर ली है। अभी इनके लिए शासन से बजट जारी होना बाकी है। बजट जारी होते ही मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों पर एक माह में एक विशेषज्ञ 14 विजिट कर सकेगा। यानी मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक में एक माह में 14-14 दिन पीडियाट्रिक, मेडिसिन और गायनिक के विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देंगे। इसके बदले में उन्हें प्रति विजिट 3 हजार रुपए मानदेय के रूप में दिया जाएगा। साथ ही नियमानुसार टीडीएस कटौत्रा भी होगा।

यूपीएसचसी और संजीवनी दोनों जगह मिलेंगे विशेषज्ञ
शहर के सभी 13 यूपीएचसी में प्राइवेट मेडिसिन, गायनिक और पीडियाट्रिक विशेषज्ञ की सेवाएं ली जाएंगी। साथ ही बजट स्वीकृत होते ही मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक में भी प्राइवेट विशेषज्ञों की सेवाएं लेंगे।
डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ

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