लोकमतसत्याग्रह/ लाड़ली बहना के बैंक एकाउंट की गुरुवार को 1 रुपया डालकर टेस्टिंग होगी, यह बात सिंधी कॉलोनी की अर्चना सिंह को पता थी। उनके मोबाइल पर खाते में एक रुपया पहुंचने का मैसेज तो नहीं आया पर उन्होंने शाम को ई-पास बुक देखी तो उसमें एक रुपए जमा हो चुका था। अर्चना ने इस बात को खुशी-खुशी अपने परिवार के बाकी सदस्यों को बताया। उन्हें खुशी इस बात की भी है कि वे एक हजार रुपए महीने के लिए पात्र हो गई हैं।
जिले में 3,05,895 महिलाओं के खाते में भेजे जाएंगे रुपए
गोल पाड़ा की तृप्ति श्रीवास्तव ने खाते में 1 रुपए आने की पुष्टि की और कहा कि वो इस बात से खुश हैं कि उन्हें हर माह एक रुपए मिलेंगे।
भितरवार मुख्य चौराह पर निवास करने वाले सिसोदिया परिवार में दो महिलाओं के खाते में 1-1 रुपया पहुंचा। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद शीला सिसोदिया ने खुशी में आसपास के लोगों भी दिखाया। इनके घर में बहू सुधा को भी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना के तहत 1 रुपए खाते में मिल चुका है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी राहुल पाठक ने कहा कि दो दिन पहले ही उन्होंने जिले की पात्र 3 लाख 5 हजार 895 महिलाओं के खाते में 1-1 रूपया डालने के लिए बिल लगा दिया था। गुरुवार को कई मैसेज उन्हें महिला हितग्राहियों से मिले कि टेस्टिंग का 1 रुपए खाते में आ चुका है। पाठक ने कहा कि 2297 महिलाओं के पंजीयन निरस्त हो गए हैं क्योंकि वे जांच में अपात्र मिली हैं। कुल कुल 6012 महिलाओं के विरुद्ध 6085 आपत्ति प्राप्त हुई थीं, इनमें से 3715 पात्र मिली हैं। जो पात्र हैं उनके खाते में 10 जून को एक-एक हजार रुपए की राशि पहुंचेगी। इससे पहले सभी महिलाओं के घर पात्र होने का प्रमाण-पत्र भेजा जाएगा।
पात्रता पत्र अगले 9 दिन में घर–घर भेजने के लिए लगाए कर्मचारी
तीन लाख से अधिक महिलाओं के घर पात्रता पत्र अगले 9 दिन में पहुंचाना भी एक चुनौती है। इसके लिए सभी सरकारी विभागों के छोटे-बड़े सभी कर्मचारी लगा दिए गए हैं। दूसरी मुश्किल 30 हजार 751 वे महिलाएं हैं जिनके खाते अभी तक डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) नहीं हुए हैं। इनमें से कुछ ने तो दस्तावेज ही नहीं दिए हैं जबकि कुछ बैंक स्तर पर लंबित हैं।


