दक्षिण विधानसभा को लेकर घमासान:नारायण सिंह ने टिकट के लिए की दावेदारी, बोले-समीक्षा को टिकट मिला तो मैं काम नहीं करुंगा

लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर की दक्षिण विधानसभा इस समय हॉट सीट बनी हुई है। इसको लेकर पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता टिकट की दावेदारी कर रही है। पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा पहले ही टिकट मांग चुके हैं और अपने बगावती तेवर दिखा चुके हैं। अब पूर्व मंत्री व BJP पिछड़ा वर्ग के प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह ने दक्षिण विधानसभा को लेकर बड़ा बयान दिया है।

उनका कहना है कि मुझे टिकट दें या नहीं, लेकिन समीक्षा गुप्ता को टिकट दिया तो मैं पार्टी (भाजपा) के लिए इस विधानसभा में काम नहीं करुंगा। नारायण सिंह इसी विधानसभा से दो बार विधायक रह चुके हैं और प्रदेश सरकार में मंत्री तक रहे हैं। यह बात उन्होंने शुक्रवार को अपने जन्मदिवस के मौके पर कही है।

भाजपा पिछडा वर्ग के प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह साल 2018 के विधानसभा चुनाव में दक्षिण विधानसभा से पूर्व महापौर के बगावत कर उनके खिलाफ खड़े होने और 121 वोट से कांग्रेस के प्रवीण पाठक से चुनाव हारने की टीस को अभी तक भूल नहीं पा रहे हैं। शुक्रवार को नारायण सिंह कुशवाह ने अपने जन्मदिन के मौके पर मीडिया से बात करते हुए दक्षिण विधानसभा से अपनी दावेदारी को मजबूत आवाज देने की कोशिश की है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि पार्टी उनको टिकट नहीं भी देती है तो वह एक कार्यकर्ता की तरह काफ करेंगे।

जब बात पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता को टिकट मिलने की आती है तो सीधे सादे स्वभाव के नेता नारायण सिंह अचानक गुस्से में आ जाते हैं। वह साफ शब्दों में कहते हैं कि यदि पार्टी ने समीक्षा गुप्ता को टिकट दिया तो वह पार्टी के लिए इस विधानसभा (ग्वालियर दक्षिण विधानसभा) में काम नहीं करुंगा। अन्य किसी को टिकट मिलता है तो मैं पूरी मेहनत से काम करुंगा।

क्यों हैं समीक्षा से इतनी नाराजगी यह भी जान लीजिए
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से नारायण सिंह कुशवाह को दावेदार बनाया गया था। वह पिछले दो बार से दक्षिण विधानसभा से ही विधायक रहे थे। उनके सामने कांग्रेस से युवा प्रत्याशी प्रवीण पाठक मैदान में थे। दक्षिण विधानसभा से टिकट न मिलने से नाराज पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता ने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा था।

चाबी चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ते हुए उन्होंने करीब 30 हजार वोट हासिल किए थे। जिस कारण नारायण सिंह कांग्रेस प्रत्याशी से सिर्फ 121 वोट से हार गए थे। उसके बाद समीक्षा गुप्ता दो साल तक भाजपा से बाहर रहीं और अभी कुछ समय पहले उन्हें वापस भाजपा में शामिल कर लिया गया है। अब वह फिर दक्षिण विधानसभा से दावेदारी कर रही हैं। नारायण सिंह, पूर्वमहापौर समीक्षा के कारण अपनी हार भुला नहीं पा रहे हैं। उनका कहना है कि समीक्षा के परिवार को पार्टी ने सब कुछ दिया, लेकिन जैसी करनी उन्होंने की है वैसी उन्हें भुगतनी पड़ेगी।

अनूप मिश्रा पर नरम नजर आए सुर
दक्षिण विधानसभा सीट से पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहार वाजपेयी के भांजे व प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके नेता अनूप मिश्रा पहले ही अपनी दावेदारी बगावती तेवर के साथ ठोक चुके हैं। अनूप ने तो यहां तक कहा है कि पार्टी मुझे टिकट दे रही है। मैं चुनाव लड़ रहा हूं। इस पर नारायण सिंह कुशवाह से पूछा गया कि यदि पार्टी अनूप मिश्रा को दक्षिण विधानसभा से टिकट दे दे तो वह क्या करेंगे। इस पर नारायण सिंह का कहना है कि उनके (अनूप मिश्रा) लिए मैं प्रचार भी करुंगा और काम करुंगा। इनके अलावा किसी और को भी टिकट दिया जाता है तो मैं एक कार्यकर्ता की तरह काम करुंगा।

दक्षिण विधानसभा पर निर्णायक साबित होता है कुशवाह समाज
दक्षिण विधानसभा सीट ऐसी सीट है जिस पर मराठा और कुशवाह समाज के वोटर्स का वर्चस्व है। यही कारण था कि पिछले दोबार से नारायण सिंह कुशवाह को इस सीट से कोई हरा नहीं सकता था। यहां कुशवाह समाज के वोटर्स निर्णायक भूमिका में होते हैं। पर पिछले चुनाव में समीक्षा ने आकर नारायण कुशवाह का गणित बिगाड़ दिया था।

ग्वालियर दक्षिण में त्रिकोणीय मुकाबला
पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता के बाद अब नारायण सिंह की दावेदारी से ग्वालियर की दक्षिण विधानसभा पर रोचक और त्रिकोणीय मुकाबला बनता दिख रहा है। अब यह सीट हॉट सीट बनकर रह गई है। यहां दावेदारों को संभालना और दबाव कर करने के लिए भाजपा को गहराई से सोचना पड़ेगा।

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