लोकमतसत्याग्रह/बढ़ती गर्मी के बीच शहरवासियों को बेहिसाब बिजली कटौती भी झेलनी पड़ रही है। एक भी दिन ऐसा नहीं बीत रहा, जब शहर का कोई हिस्सा बिजली कटौती से अछूता रह जाए। स्थिति यह है कि पॉश इलाकों में भी रोजाना 2 से 5 घंटे तक बिजली गुल रह रही है। इस बिजली कटौती से जहां लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही हैं वहीं व्यापार पर भी असर हो रहा।
रविवार को शहर के अधिकांश हिस्सों में सुबह करीब 5 बजे ही बिजली गुल हो गई है लोगों द्वारा ग्वालियर से भोपाल तक शिकायतें करने के बाद भी यह सप्लाई लगभग 3 घंटे बाद यानी कि सुबह 8 बजे के आसपास बहाल हो पाई। इस कटौती में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर के विनय नगर जोन, ट्रांसपोर्ट नगर और तानसेन नगर जोन के कई क्षेत्र शामिल हैं। वहीं रविवार को मुरार और सिटी सेंटर क्षेत्र के हजारों घरों में सुबह से दोपहर तक मेंटेनेंस के लिए बिजली कटौती की गई।
रोज कटौती से कंपनी की व्यवस्था व दावों की खुली पोल
- मेंटेनेंस- बिजली कंपनी रोजाना किसी न किसी क्षेत्र में 4 से 5 घंटे तक मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती करती है। फिर भी बिजली गुल होते ही अधिकारी फॉल्ट होने की बात कह देते हैं। लेकिन फॉल्ट की जानकारी कोई नहीं दे पाता। वहीं, सवाल यह बना हुआ है कि जब इतना अधिक मेंटेनेंस हो रहा है तो बार-बार फॉल्ट कैसे हो रहे?
- स्काडा- सप्लाई के दौरान आने वाले फॉल्ट के प्वाइंट की जानकारी देने के लिए स्थापित स्काडा सेंटर से भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। क्योंकि, फॉल्ट होने पर स्काडा सेंटर से मेंटेनेंस विंग को सही समय पर प्वाइंट की जानकारी ही नहीं मिल पा रही। जिस कारण फॉल्ट ठीक करने में बहुत समय लग जाता है।
- मोनाे पोल- सिटी सेंटर, पड़ाव, फूलबाग क्षेत्र को मोनो पोल लाइन से जोड़ा गया है। लेकिन इन क्षेत्रों में जब भी फॉल्ट होता है लोगों को कई घंटों तक मोनो पोल से सप्लाई नहीं मिल पाती। 3 दिन पहले ही लक्ष्मीबाई कॉलोनी, गांधी नगर व आसपास के क्षेत्र में कई घंटे बिजली गुल रही। लेकिन मोनो पोल से सप्लाई शुरू नहीं की जा सकी।


