MP में कथा का मनोविज्ञान और पॉलिटिक्स:पं.मिश्रा, धीरेंद्र शास्त्री सहित कई कथावाचक चुनाव तक व्यस्त; ​​​​​​पार्टी का नाम लिए बिना कैसे करते हैं प्रभावित

लोकमतसत्याग्रह/मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रदेश के सभी नामी कथावाचक और बाबाओं के कैलेंडर बुक हो चुके हैं। दिसंबर तक सभी बिजी हैं। सत्ताधारी भाजपा हो या विपक्षी कांग्रेस, दोनों दल कथा के मंथन से चुनाव में जीत का अमृत चखना चाहते हैं। यही कारण है कि हर नेता अपने क्षेत्र में कथा करवाकर जीत का प्रसाद लेना चाहता है।

प्रदेश की डेढ़ सौ से ज्यादा विधानसभा सीटों पर इन कथावाचकों और बाबाओं का प्रभाव है। धीरेंद्र शास्त्री हो या पंडोखर सरकार, रावतपुरा सरकार हो या जया किशोरी.. किसी को फुरसत नहीं है। दिसंबर तक सबकी कथाएं फिक्स हैं।

स्टार प्रचारकों पर धर्म गुरू भारी पड़े

आलम ये है कि मध्यप्रदेश में राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों पर धर्म गुरू या बाबा भारी पड़ रहे हैं। नेता उनकी कथा और दिव्य दरबार का कार्यक्रम तय कराने के लिए परेशान घूम रहे हैं। जिन्हें बुकिंग मिल गई है, वो करोड़ों रुपये फूंककर कथा की तैयारियों में जुटे हैं। नेता कथा-भागवत के रास्ते वोटों की फसल काटने की जुगत में हैं। दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल की।

प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 150 पर तीन कथावाचक पंडोखर सरकार, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और प्रदीप मिश्रा का सीधा प्रभाव माना जा रहा है। यही कारण है कि चुनाव से पहले नेताओं में तीनों बाबाओं में किसी एक का कार्यक्रम अपने विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कराने की होड़ सी लगी है।

विरोधियों को मात देने के लिए इन बाबाओं के कार्यक्रम तक निरस्त कराए जा रहे हैं। हाल ही में मैहर में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और जबलपुर में पंडित प्रदीप मिश्रा के आयोजन आखिरी समय पर रद्द हो गए। इन दोनों कार्यक्रम की अगवाई भाजपा-कांग्रेस से इतर लोग करने वाले थे। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि जिस तरह अभिनेता जनता के मन पर प्रभाव डालते हैं, वैसे ही संत, कथा वाचक और बाबा भी लोगों के मन पर असर डालते हैं।

पहले बात सनातन के पोस्टर बॉय बन चुके धीरेंद्र शास्त्री की

छतरपुर जिले के गढ़ा गांव के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों कथावाचकों में सबसे बड़ा चेहरा बन चुके हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर शास्त्री.. सनातन के पोस्टर बॉय और हिंदू राष्ट्र के नए पैरोकार के रूप में उभरे हैं। उनकी कथाओं और दिव्य दरबार के कार्यक्रमों की मांग प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों में भी है। उनके दरबार में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ के चलते नेताओं में उनकी कथा का क्रेज है। इन दिनों धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का इतना जलवा है कि बीजेपी हो या कांग्रेस, दोनों पार्टियों के नेता उनकी कथा कराना चाहते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी छतरपुर जाकर धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात कर चुके हैं। उनके सांसद पुत्र नकुलनाथ छिंदवाड़ा में धीरेंद्र शास्त्री की कथा कराना चाहते हैं। इतना ही नहीं, सीएम शिवराज भी उनके दर पर मत्था टेक चुके हैं।

मैहर में कथा निरस्त होने पर मायूस हो गए थे त्रिपाठी

चुनावी साल में कथाओं का क्रेज और उसके न होने का राजनीतिक खामियाजा क्या हो सकता है, इस दर्द को मैहर से विधायक नारायण त्रिपाठी से ज्यादा कोई नहीं जानता। 4 से 10 मई के बीच मैहर में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा और दिव्य दरबार का कार्यक्रम तय था। आयोजन भाजपा से बागी होकर खुद की नई पार्टी बना चुके नारायण त्रिपाठी करा रहे थे। आखिरी क्षणों में कथा निरस्त कर दी गई। आरोप लगा बीजेपी पर कि उसके नेताओं के दबाव में ऐसा हुआ। कथा निरस्त होने पर खुद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पक्ष रखा। बोले कि संतों की आज्ञा के चलते इसे स्थगित किया गया है। जनवरी 2024 में मैहर में कथा जरूर होगी।

ये नेता करा चुके हैं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा

  • 7 से 13 अप्रैल तक विदिशा में बटेश्वर भागवत सेवा संस्थान के तत्वावधान में बायपास स्थित बालाजी पैराडाइज में आयोजन। कथा में सीएम शिवराज सिंह भी शामिल हुए। खुद मंच से भजन गाया और कथा में आई महिलाओं को संबोधित करते हुए लाडली बहना योजना का प्रचार भी किया था।
  • 25 से 31 मार्च तक पनागर जबलपुर में भाजपा विधायक सुशील तिवारी कथा करा चुके हैं।
  • 24 से 30 अप्रैल तक सागर के बहेरिया में सात दिनों की हनुमत कथा भूपेंद्र सिंह बहेरिया ने कराई। इनका जुड़ाव भाजपा से है।
  • 20 से 22 मई के बीच सुरखी विधानसभा के जैसीनगर में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी इनकी कथा करा चुके हैं।
  • 23 से 24 मई को परसवाड़ा, बालाघाट में मंत्री रामकिशोर कांवरे कथा करा चुके हैं।
  • 7 से 9 जून के बीच सुवासरा, मंदसौर में मंत्री हरदीप सिंह डंग कथा करा चुके हैं।
  • इसके अलावा टीकमगढ़, अशोक नगर, भिंड, दमोह में उनकी कथा हो चुकी है। प्रदेश से बाहर महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार में उनकी कथा हो चुकी है। विधानसभा चुनाव के चलते राजस्थान, छत्तीसगढ़ में भी उनकी कथाओं के आयोजन को लेकर नेता कार्यक्रम तय करने की कवायद में जुटे हैं।

पंडित प्रदीप मिश्रा दूसरा सबसे चर्चित नाम

बागेश्वर धाम के अलावा मध्यप्रदेश के दूसरे चर्चित कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा हैं। इन दिनों भोपाल के करोंद में प्रदेश सरकार के दिग्गज मंत्री विश्वास सारंग शिव कथा करा रहे हैं। 10 जून से शुरू हुई ये कथा 14 जून तक चलेगी। इसमें लाखों की भीड़ आने की उम्मीद के चलते उतनी ही भारी-भरकम व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रदीप मिश्रा कथा के दौरान राजनीतिक बयानबाजी के लिए भी चर्चित हैं। कुछ समय पहले उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘मोदी है तो हिंदू हैं’।

कांग्रेस नेता कमलनाथ भी पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा छिंदवाड़ा में कराने के लिए समय मांग चुके हैं। प्रदीप मिश्रा धर्मांतरण के मुद्दे पर भी कथा के दौरान बोलते हैं। अपनी एक कथा के दौरान वे ये कह चुके हैं कि राजनीति में धर्म रहा है, चाहे केंद्र हो या राज्य, धर्म के अनुसार राजनीति को बढ़ाया जाए तो राजा और प्रजा दोनों सुखी होंगे। ये बात अलग है कि वे खुद को राजनीति से परे बताते हैं। उनकी कथा की डिमांड मालवा-निमाड़, भोपाल और नर्मदापुरम में अधिक है। भाजपा के अलावा कांग्रेस नेता भी उनकी कथा करा चुके हैं।

संगीतमय कथा और चमत्कारिक रुद्राक्ष के लिए प्रसिद्ध

पंडित प्रदीप मिश्रा संगीतमय और भाव के साथ शिव महापुराण की कथा सुनाने के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी कथा कहने की शैली लोगों के दिलों में सीधे उतरती हैं। इसके साथ ही उनकी ओर से चमत्कारिक रुद्राक्ष भी बांटे जाते हैं। दावा है कि इस रुद्राक्ष में लोगों की सभी समस्याओं को दूर करने की चमत्कारिक शक्ति है। कोविड में सोशल मीडिया पर वे इतनी तेजी से प्रसिद्ध हुए कि अब उनकी कथाओं में 5 से 10 लाख की भीड़ उमड़नी आम बात हो चुकी है।

भाजपाकांग्रेस दोनों पार्टी के नेता करा रहे आयोजन

4 से 10 अप्रैल को उज्जैन के बड़नगर रोड स्थित मुरलीपुरा में शिवपुराण कथा में 10 लाख से अधिक की भीड़ जुटी थी। आयोजन के व्यवस्थापकों में बीजेपी के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय और उज्जैन के भाजपा नेता थे। अब बीजेपी नेता विश्वास सारंग भोपाल में उनकी कथा करा रहे हैं।

इससे पहले 28 फरवरी से 6 मार्च तक बेटमा में कांग्रेस नेता पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल प्रदीप मिश्रा की कथा करा चुके हैं। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री शरद सिंह सिसोदिया धार जिले के कोटेश्वर महादेव मंदिर में इनकी कथा करा चुके हैं। नवंबर 2022 में इंदौर-1 विधायक संजय शुक्ला भी इनकी कथा करा चुके हैं।

जबलपुर की कथा निरस्त होने पर हुई थी राजनीति

पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा 1 से 7 जून के बीच जबलपुर के ग्वारीघाट में होनी थी। इसके आयोजक नई नवेली इंडियन पीपुल्स पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुरुषोत्तम तिवारी थे। जिला प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति आखिरी समय में निरस्त कर दी। आयोजक ने आरोप लगाया था कि इसके पीछे भाजपा का हाथ है। भाजपा के दबाव में ही प्रशासन ने अनुमति निरस्त की है।

Leave a comment