लोकमतसत्याग्रह/ शहर भीषण गर्मी की चपेट में है। न दिन में राहत है न रात को चेन की नींद। उस पर बेहिसाब बिजली की कटौती। शहर की जनता बेहाल है। हेल्पलाइन नंबर पर मदद नहीं मिल रही, 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर हमेशा व्यस्त ही बताता है। जिम्मेदार अफसर सुन नहीं रहे, आम जनता गर्मी, बिजली कटौती और सुनवाई न होने से त्रस्त हो चुकी है। यह हालत तब है, जब शहर से ही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर है। तमाम दावों की पोल खुल रही है। जनता में इस स्थिति को लेकर बहुत गुस्सा है।
मेंटेनेन्स के नाम पर कटौती, हर आधे घंटे में गाड़ी जा रही बिजली
– शहर में मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती हो रही है। हर दिन औसतन किसी न किसी इलाके में 4 से 5 घंटे की कटौती मेंटेनेंस के नाम पर होती है। यह कटौती तो शेड्यूल्ड होती है।
– इसके अलावा हर आधे घंटे में कटौती हो रही है। इस संबंध में जब बिजली कंपनी के अधिकारियों से बात की जाती है तब उनके पास एक ही बहाना होता है कि फॉल्ट हो गया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब इस तरह से ही बार बार थोड़ा लोड बढ़ने पर ही लाइनों में फॉल्ट हो रहा है तो आखिर मेंटेनेंस किस स्तर का किया जा रहा है। इससे पूरा महकमा ही कटघरे में खड़ा हुआ है।
1912 नंबर किसी काम का नहीं
हेल्पलाइन नंबर 1912 की पड़ताल करने के लिए खुद इस पर कॉल किया। इसमें अलग-अलग ऑप्शन आते हैं। जब अपनी पीड़ा बताने के लिए हेल्प सेंटर में बैठे कर्मचारियों से बात करने की कोशिश की गई और वही ऑप्शन सेलेक्ट किया गया तो 2 घंटे तक फोन व्यस्त जाता रहा। हर बार घंटी गई और फोन कट गया। इसके बाद एक नंबर सिलेक्ट कर शिकायत की गई, लेकिन बिजली कंपनी की तरफ से इस संबंध में कोई संपर्क नहीं किया गया।


